जमुई। लक्ष्मीपुर चौक पर शुभम का शव रख कर एनएच-333 मुख्य सड़क महादलित समुदाय के लोगों ने जाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक ¨प्रस कुमार द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है तब तक जाम रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि ¨प्रस कुमार द्वारा जब गढ्डा खोदा गया तो उसकी घेराबंदी क्यों नहीं की थी। ज्ञात हो कि माखन साह ने अपनी निजी जमीन से मिट्टी उठाकर स्कूल भवन निर्माण में लगाया था। जिसकी गहराई दस फीट है। मंगलवार की शाम शुभम और उसका छोटा भाई शुभांशु घर के पिछवाड़े सौ मीटर की दूरी पर शौच के लिए गया था। इस क्रम में शुभम का पैर फिसल गया और उस गड्ढे में जा गिरा। भाई को गड्ढे में गिरते देख शुभांशु दौड़ कर घर वालों को सूचना दी। शुभम के परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से आधे घंटे बाद शुभम को पानी में से निकाला जा सका। रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया जहां डॉक्टरों ने शुभम को मृत घोषित कर दिया। मृतक शुभम को लेकर घर आया।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार, एसआइ मनोज कुमार ¨सह दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। परिजनों ने रात्रि में शव थाना नहीं ले जाने दिया और सुबह 8 बजे से एनएच-333 लक्ष्मीपुर चौक पर जाम लगा दिया। जाम में दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहनों की कतार लग गई। आपसी सहमति के बाद करीब 10 बजे जाम हटाया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेजा गया।

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कोट

गडढे में फिसलकर शुभम की मौत हुई है जो आपदा में आता है। राज्य सरकार से मिलने वाली आपदा राशि के लिए अनुशंसा आपदा प्रबंधन जमुई को भेजी जाएगी।

- अमरेन्द्र कुमार, सीओ, लक्ष्मीपुर,

अतिरिक्त प्रभार

Posted By: Jagran