दशहरा पर बकरा बाजार गुलजार: जमुई में ₹1000 प्रति किलो तक पहुंचे दाम, काले रंग की सबसे ज्यादा डिमांड
दशहरा को लेकर जमुई के चकाई प्रखंड में बकरा बाजार गुलजार है, जहां बकरों की कीमतों में भारी उछाल आया ...और पढ़ें

दशहरा पर बकरा बाजार गुलजार
HighLights
दशहरा पर जमुई के चकाई में बकरा बाजार गुलजार।
बकरों की कीमतों में भारी उछाल, काले रंग की अधिक मांग।
बलि और भोज के लिए हो रही जमकर खरीददारी।
संवाद सूत्र, चंद्रमंडी(जमुई)। दशहरा को लेकर चकाई प्रखंड के साप्ताहिक हाटों में बकरों की खरीद-बिक्री जोरों पर है। मां दुर्गा के मंदिरों में बलि देने के लिए श्रद्धालु हाटों में पहुंचकर अपनी पसंद के बकरे खरीद रहे हैं। बाजार में सबसे अधिक मांग काले रंग के बकरों की है।
प्रखंड के बामदह, बटपार, चतरो, पोझी, बासुकीटांड़, माधोपुर और चकाई बाजार सहित सभी प्रमुख हाट रंग-बिरंगे बकरों से गुलजार हैं। सुबह से ही खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। खरीदारों के अनुसार, इस वर्ष बकरों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
छोटे आकार के बकरे लगभग 1000 रुपये प्रति किलो और बड़े आकार के बकरे 900 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं। 10 किलो के बकरे की कीमत साढ़े आठ हजार से 10 हजार रुपये तक पहुंच रही है।
वहीं, कुछ जगहों पर पशु व्यापारी वजन के हिसाब से 380 रुपये प्रति किलो की दर से भी बकरे बेच रहे हैं। महंगे होने के बावजूद श्रद्धालु बकरों की खरीदारी कर रहे हैं। खरीदारों की पहली पसंद काले रंग के बकरे हैं, जिनके लिए लोग मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं।
खस्सी की भी हो रही जमकर बिक्री
चकाई बाजार में बकरों के साथ-साथ खस्सी की भी जमकर बिक्री हो रही है। हालांकि, खस्सी की बलि नहीं दी जाती है, फिर भी लोग दशहरे के भोज के लिए इसकी खरीदारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि को मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा दुर्गा मंदिरों और अपने घरों में बड़ी संख्या में बकरों की बलि देने की परंपरा है।
यह भी पढ़ें- जमुई में कैदी वाहन का कहर: पूजा पंडाल का गेट तोड़ा, चपेट में आने से आशा कार्यकर्ता समेत दो घायल
