फोटो- 29 जमुई- 1

- 20 शिक्षकों में से मात्र 10 शिक्षक उपस्थित मिले

- 360 छात्र हैं नवम कक्षा में, 27 ही मिले उपस्थित

- विद्यालय में छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य

- छात्रों की संतोषजनक उपस्थिति होने तक शिक्षकों का वेतन रहेगा स्थगित

- शिक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का नहीं होगा समझौता

संवाद सूत्र, झाझा (जमुई): जिला शिक्षा पदाधिकारी कपिलदेव तिवारी के समक्ष प्लस टू एमजीएस उच्च विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। विद्यालय की व्यवस्था पर डीईओ ने रोष व्यक्त किया। नवम में नामांकित बच्चों में मात्र 27 बच्चे उपस्थित मिले तो प्लस टू में एक भी बच्चे उपस्थित नहीं थे। बच्चों की उपस्तिथि नगण्य देख विद्यालय के सभी शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया। डीईओ एवं स्थापना व मध्याह्न भोजन डीपीओ शिवकुमार शर्मा बिना सूचना के एमजीएस उच्च विद्यालय पहुंच गए। पदाधिकारियों के विद्यालय में प्रवेश करते ही शिक्षकों में अफरातफरी मच गई। डीईओ ने सर्वप्रथम प्रधानाध्यापक की खोज की। पता चला कि वे छुट्टी पर हैं। शिक्षकों की उपस्थिति देख वे हैरत में पड़ गए। 20 शिक्षकों में मात्र 10 शिक्षक ही उपस्थित थे। दो शिक्षक बिना किसी सूचना के गायब मिले, जबकि अन्य शिक्षक छुट्टी का आवेदन दिए हुए थे। डीईओ ने बच्चों की उपस्थिति पंजी देखी तो नवम में नामांकित 360 छात्र में से मात्र 27 छात्र उपस्थित मिले, वह भी बिना ड्रेस के। ग्यारहवीं एवं बारहवीं में एक भी छात्र उपस्थित नहीं थे। विद्यालय की व्यवस्था से खिन्न डीईओ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा सकता। विद्यालय में जब तक छात्रों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं हो जाती तब तक विद्यालय के शिक्षकों का वेतन स्थगित रहेगा। विद्यालय में छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। लगभग एक घंटा के निरीक्षण में डीईओ ने विद्यालय में पानी, शौचालय स्वच्छता आदि की भी जांच की। डीईओ के निरीक्षण की खबर आग की तरह अन्य स्कूलों में फैल गई। शिक्षकों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ था। मौके पर मध्याह्न भोजन प्रभारी डा. राजेश कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।

Edited By: Jagran