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DDU से झाझा के बीच बिछेगी 400 किमी अतिरिक्त रेल लाइन; लेट-लतीफी से मिलेगी मुक्ति, किऊल-झाझा पर पुलों के टेंडर शुरू

Published: Tue, 22 Sep 2026 04:14 PM (IST)

DDU Patna Jhajha Rail Section 3rd 4th Line: पूर्व मध्य रेल डीडीयू से झाझा के बीच लगभग 400 किलोमीटर अतिरिक्त ...और पढ़ें

DDU Patna Jhajha Rail Section 3rd 4th Line: डीडीयू से किऊल तक बिछेगी तीसरी व चौथी लाइन।

DDU Patna Jhajha Rail Section 3rd 4th Line: डीडीयू से किऊल तक बिछेगी तीसरी व चौथी लाइन।

HighLights

  1. डीडीयू-झाझा के बीच 400 किमी अतिरिक्त रेल लाइन बिछाई जा रही है।

  2. ट्रेनों की लेटलतीफी और आउटर पर रुकने की समस्या होगी खत्म।

  3. किऊल-झाझा सेक्शन में पुलों के निर्माण के लिए टेंडर अंतिम चरण में।

संवाद सूत्र, बोड़वा (जमुई)। DDU Patna Jhajha Rail Section 3rd 4th Line: पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू)-पटना-झाझा मुख्य रेलखंड पर यात्रा करने वाले लाखों दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली-हावड़ा मुख्य व व्यस्ततम रेल मार्ग पर ट्रेनों के घंटों आउटर सिग्नल पर खड़े रहने और लेटलतीफी की पुरानी समस्या से अब बहुत जल्द स्थायी छुटकारा मिलने जा रहा है।

पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) प्रशासन डीडीयू से झाझा के बीच लगभग 400 किलोमीटर लंबी अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तेजी से धरातल पर उतार रहा है। पूर्व मध्य रेल मुख्यालय हाजीपुर में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता एवं जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में महाप्रबंधक (जीएम) डिंपी गर्ग ने बताया कि इस रूट पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने और ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए यह व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

योजना के अनुसार, डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए इसे छह प्रमुख रेलखंडों—डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा में विभाजित कर कार्य को गति दी जा रही है।

किऊल-झाझा सेक्शन में बड़े पुलों के निर्माण की कवायद तेज

जागरण से विशेष बातचीत में पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने बताया कि किऊल से झाझा के बीच अतिरिक्त ट्रैक बिछाने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण रेल पुलों के निर्माण हेतु टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलखंड पर स्थित रेलवे फाटकों (समपारों) को समाप्त कर उनकी जगह रोड ओवरब्रिज (आरओबी) अथवा लिमिटेड हाइट सब-वे (एलएचएस) निर्माण के लिए तकनीकी सर्वे का काम तेजी से किया जा रहा है।

डीडीयू-झाझा अतिरिक्त रेल लाइन

  • कुल लंबाई: लगभग 400 किलोमीटर।

  • ट्रैक क्षमता विस्तार: डीडीयू से किऊल तक तीसरी व चौथी लाइन; किऊल से झाझा तक तीसरी लाइन।

  • कार्य विभाजन (6 प्रमुख सेक्शन): (1) डीडीयू-दानापुर, (2) दानापुर-फतुहा, (3) फतुहा-बख्तियारपुर, (4) बख्तियारपुर-पुनारख, (5) पुनारख-किऊल, (6) किऊल-झाझा।

  • वर्तमान स्थिति: किऊल-झाझा रेलखंड पर अहम पुलों के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में; समपारों (फाटकों) पर आरओबी/एलएचएस निर्माण का तकनीकी सर्वे जारी।

  • प्रमुख लाभ: आउटर पर ट्रेनों का ठहराव बंद, समयबद्ध परिचालन, माल ढुलाई क्षमता में विस्तार और सुरक्षित सफर।

जनहित और क्षेत्रीय आर्थिकी के लिए मील का पत्थर साबित होगी परियोजना

वर्तमान समय में इस मुख्य मार्ग पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के एक ही ट्रैक पर निर्भर रहने के कारण अक्सर राजधानी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है। आउटर सिग्नलों पर ट्रेनों के रुकने से यात्रियों का समय बर्बाद होता है। अतिरिक्त लाइनें बिछ जाने से मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों को बिना किसी अवरोध के ग्रीन सिग्नल मिल सकेगा।

इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच का रेल सफर न केवल अत्यधिक सुरक्षित व समयबद्ध होगा, बल्कि औद्योगिक माल ढुलाई आसान होने से क्षेत्रीय व्यापार और रोजगार को भी व्यापक गति मिलेगी।

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