जमुई। पिछले कई बर्षों से जनप्रतिनिधियों के कोरे आश्वासन का शिकार हो रहे ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। लिहाजा बुधवार को बड़ी संख्या में नैयाडीह, केशोफरका आदि पंचायतों के ग्रामीण लिफ्टवा घाट पुल निर्माण की मांग को ले गोलबंद दिखे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लिफ्टवा घाट से सोनो प्रखंड कार्यालय तक पदयात्रा निकाली। प्रखंड कार्यालय के समक्ष आकर उक्त पदयात्रा सभा में तब्दील हो गई। इस मौके पर जन संघर्ष समिति के संयोजक विनोद यादव ने बताया कि लिफ्टवा घाट पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन किया गया लेकिन सांसद, विधायक व क्षेत्र के कथित विकास पुरुषों ने उक्त जनसमस्या पर रुचि नहीं दिखाई। अंतत: ग्रामीण गोलबंद हुए व पुल निर्माण की मांग को ले प्रखंड कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने कहा यदि एक महीने के अंदर इस क्षेत्र के लोगों की मांगे पूरी नहीं की जाती हैं तो इस बार व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रखंड कार्यालय के समक्ष आयोजित धरना की अध्यक्षता नंदकिशोर यादव ने की जबकि संचालन फखरुद्दीन बिहारी ने किया। अंत में ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल प्रखंड विकास पदाधिकारी रविजी से मिला व उन्हें संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। उक्त ज्ञापन में पिछले तीन वर्षों से अनावृष्टि और सुखाड़ की मार झेल रहे किसानों की ऋण वसूली माफ किए जाने, विधवा, वृद्ध व विकलांग पेंशनधारियों का समय पर पेंशन भुगतान करने, लिफ्टवा घाट पर पुल निर्माण किए जाने, कन्या विवाह योजना की राशि का भुगतान समय पर करने तथा समान शिक्षा प्रणाली लागू करने जैसी मांगों सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य में हो रही व्यापक लूट पर लगाम कसने की मांग की गई। इस मौके पर पूर्व मुखिया सहदेव यादव, पंचायत समिति सदस्य दिनेश यादव, मौलाना अफजल हुसैन, बसीर अंसारी, दीनबंधु ¨सह, धर्मेंद्र कुमार, गणेश मांझी, रघु कुमार, संजय यादव, अनिल यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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