बिहार में उर्वरक बिक्री के बदल गए नियम: अब QR कोड से मिलेंगी खाद, बटाईदार को भी फायदा
जमुई जिले में 1 अक्टूबर से उर्वरक बिक्री की व्यवस्था QR कोड आधारित होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वितरण व्यवस्थित होगा।

यूरिया। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, जमुई। बिहार में उर्वरक बिक्री की व्यवस्था 1 अक्टूबर, अर्थात गुरुवार से बदल जाएगी। अब खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरक की बिक्री क्यूआर कोड आधारित नई व्यवस्था के तहत होगी।
जमुई में इसके लिए सभी प्रखंडों के 300 से अधिक अनुज्ञप्तिधारी खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को जिला कृषि कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षण में उर्वरक बिक्री आवेदन और पीओएस मशीन के संचालन की जानकारी दी गई। नई व्यवस्था में एग्री स्टेक और IFMS तकनीक का संयोजन किया गया है।
इसका उद्देश्य उर्वरक की उपलब्धता और वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ बिक्री प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। खास बात यह है कि नई व्यवस्था में वैसे किसान भी उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे, जिनके नाम अपनी जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करते हैं।
बटाईदारों को मिलेगा लाभ
ऐसे किसानों को आधार के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बटाईदार किसानों को उर्वरक लेने में जमीन संबंधी परेशानी नहीं होगी।
कार्यक्रम में कृषि अभियंत्रण के उप निदेशक, सहायक निदेशक शष्य प्रक्षेत्र, प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा एनएफएल और इफको के क्षेत्रीय प्रबंधकों ने विक्रेताओं को उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया, आवेदन के विभिन्न चरणों, आवश्यक प्रविष्टियों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
विक्रेताओं ने नई व्यवस्था से जुड़ी तकनीकी समस्याएं और सवाल भी रखे, जिनका मौके पर समाधान किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी हरिमोहन मिश्र ने सभी विक्रेताओं को नई व्यवस्था को गंभीरता से समझने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नई व्यवस्था का होगा प्रचार-प्रसार
उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। विभाग की ओर से किसानों को भी नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की गलतफहमियों को दूर करने के लिए ही लागू किया गया है।
उक्त अवसर पर उपनिदेशक कृषि अभियंत्रण सुशांत कुमार अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मोहन प्रसाद द्विज सहायक निदेशक सत्य क्षेत्र अंश राज तथा जमुई के प्रखंड कृषि पदाधिकारी सौरभ कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें- मुंगेर में बनेंगे 2 बाईपास, सेविका-सहायिका के मानदेय के लिए 477 करोड़; सम्राट कैबिनेट का फैसला
