गंगा जल संधि पर पुनर्विचार करे केंद्र! जमुई में गरजे मंत्री दीपक प्रकाश; आरक्षण और पंचायत योजनाओं पर दिया बड़ा बयान
Deepak Prakash Jamui PC: पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने गंगा जल संधि पर पुनर्विचार की मांग की, बिहार के ...और पढ़ें

Deepak Prakash Jamui PC: बिहार के हित में गंगा जल संधि में बदलाव जरूरी; जमुई में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने आरक्षण व स्ट्रीट लाइट पर दिए कड़े निर्देश
HighLights
गंगा जल संधि में बिहार के हितों हेतु बदलाव की मांग की।
आरक्षण व्यवस्था वंचितों के मुख्यधारा में आने तक जारी रखने की वकालत।
खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक न करने पर एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट।
संवाद सहयोगी, जमुई। Deepak Prakash Jamui PC: बिहार के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए यदि अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय जल समझौतों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो केंद्र को इस पर अविलंब पुनर्विचार करना चाहिए। शनिवार को जमुई स्थित स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने गंगा जल बंटवारे के मुद्दे पर यह बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि गंगा नदी का एक बहुत बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरता है, जिस पर राज्य की करोड़ों की आबादी सिंचाई, पेयजल और कृषि संबंधी बुनियादी जरूरतों के लिए पूरी तरह आश्रित है। बिहार हर साल एक तरफ भीषण बाढ़ और दूसरी तरफ सूखे की दोहरी त्रासदी झेलता है।
कर्पूरी मॉडल का दिया हवाला
ऐसे विषम हालात में मौजूदा जल संधि के प्रावधानों की समीक्षा कर राज्य के व्यापक हित में इसमें आवश्यक बदलाव सुनिश्चित किए जाने चाहिए। स्थानीय राजनीति से जुड़े तीखे सवालों पर उन्होंने दो-टूक कहा कि विभागीय व्यस्तताओं के चलते वे हर स्थानीय मुद्दे को फॉलो नहीं कर पाते, और बिना पूर्ण तथ्य जाने किसी प्रकरण पर बयानबाजी करना मुनासिब नहीं है।
आरक्षण पर सरकार का रुख शीशे की तरह साफ
आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष के संशयों को खारिज करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि इस पर सरकार और पार्टी की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज का अंतिम वंचित, शोषित और पिछड़ा तबका विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ जाता, तब तक आरक्षण की व्यवस्था निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए।
जमुई परिसदन में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने की प्रेस वार्ता; कहा— 'बाढ़ और सूखे से जूझ रहे बिहार के हित में गंगा जल संधि में बदलाव बेहद जरूरी'
कर्पूरी फॉर्मूले का हवाला देते हुए आरक्षण पर सरकार का रुख किया साफ; वंचितों के मुख्यधारा में आने तक आरक्षण जारी रखने की वकालत
जिले में 10% स्ट्रीट लाइट खराब मिलने पर एजेंसियों को कड़ी चेतावनी; मरम्मत न करने पर बैंक गारंटी जब्त कर ब्लैकलिस्ट करने का फरमान
पंचायत सरकार भवनों में दरारों को बताया सामान्य निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा; नए भवनों में महापुरुषों की मूर्ति स्थापना का होगा स्थायी प्रावधान
उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर के ऐतिहासिक आरक्षण मॉडल का उल्लेख करते हुए बताया कि कर्पूरी जी ने समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय की थीं, ताकि सबसे जरूरतमंद व्यक्ति को उसी अनुपात में आरक्षण का सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सामाजिक न्याय की रीढ़ शिक्षा है; जब तक समाज का हर तबका शिक्षित नहीं होगा, तब तक सर्वांगीण विकास का सपना अधूरा रहेगा।
10% स्ट्रीट लाइट खराब
विभागीय समीक्षा बैठक के हवाले से पंचायती राज मंत्री ने बताया कि जिले में करीब 10 प्रतिशत सोलर स्ट्रीट लाइटों के बंद अथवा खराब होने की बात सामने आई है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को तय समयसीमा के भीतर सभी लाइटों को दुरुस्त करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया।
एजेंसियों की गारंटी जब्त करने की चेतावनी
मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि निर्धारित समय पर लाइट की मरम्मत न करने वाली कार्यदायी एजेंसियों पर निरंतर जुर्माना लगाया जा रहा है। यदि इसके बाद भी उनके रवैये में सुधार नहीं हुआ, तो विभाग उनके द्वारा जमा की गई पूरी बैंक गारंटी (सिक्योरिटी मनी) को जब्त कर लेगा और उन्हें सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। ऐसी डिफाल्टर एजेंसियों को भविष्य में बिहार सरकार के किसी भी प्रोजेक्ट में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंचायत सरकार भवन में दरार पर दी तकनीकी सफाई
पंचायत सरकार भवनों की दीवारों में आई दरारों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के लिए जगह न छोड़े जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसे अनावश्यक तूल नहीं दिया जाना चाहिए। तकनीकी रूप से पहले कॉलम और बीम का ढांचा (स्ट्रक्चर) तैयार किया जाता है और बाद में ईंटों की चुनाई होती है, जिससे जोड़ों पर बारीक दरारें दिखना एक सामान्य प्रक्रिया है।
अतिक्रमण पर चलेगा डंडा
तकनीकी विशेषज्ञों की नजर में यह कोई संरचनात्मक खराबी (स्ट्रक्चरल फॉल्ट) नहीं है, फिर भी जहां दरारें हैं, वहां मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में बनने वाले सभी पंचायत सरकार भवनों के डिजाइन में प्रतिमा स्थापित करने के लिए पहले से ही उपयुक्त स्थान का प्रावधान किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को पंचायतों की परिसंपत्तियों और जमीन से अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाने, कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने और जनता की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया।
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