अपने ही विभाग के काम पर बिफरे पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश! मांझी-चिराग विवाद से बनाई दूरी, आरक्षण पर भी बोले
Panchayati Raj Minister Deepak Prakash Jamui: पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बिहार की पंचायतों में चल रही विकास योजनाओं ...और पढ़ें

Panchayati Raj Minister Deepak Prakash Jamui: 'गुणवत्ता से मैं 100% संतुष्ट नहीं': जमुई में पंचायत योजनाओं पर बोले मंत्री दीपक प्रकाश, सुधारी जाएंगी कमियां
HighLights
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश योजनाओं की गुणवत्ता से असंतुष्ट।
आरक्षण के लिए कर्पूरी ठाकुर मॉडल का किया समर्थन।
सामाजिक समानता के लिए शिक्षा को बताया महत्वपूर्ण आधार।
जागरण संवाददाता, जमुई। Panchayati Raj Minister Deepak Prakash Jamui: बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने राज्य की पंचायतों में क्रियान्वित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की कार्य-गुणवत्ता पर खुला असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में स्वीकार किया कि वे वर्तमान योजनाओं की गुणवत्ता से शत-प्रतिशत संतुष्ट नहीं हैं और इसमें व्यापक स्तर पर सुधार की सख्त आवश्यकता है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ धरातल पर तभी दिखेगा जब निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों के अनुरूप और पारदर्शी होंगे। मंत्री ने बताया कि पंचायतों में चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति और धरातल की चुनौतियों को समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इन बैठकों के माध्यम से आम जनता और स्थानीय त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों से सीधा फीडबैक लिया जा रहा है कि काम में कहां अड़चनें आ रही हैं और गुणवत्ता तय मानकों पर खरी क्यों नहीं उतर पा रही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर खामियों को जल्द दूर किया जाएगा तथा योजनाओं के क्रियान्वयन को चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा।
राजनीति में भाषा की मर्यादा जरूरी, मांझी-चिराग विवाद पर साधी चुप्पी
सांसद अरुण भारती से जुड़े एक कथित विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो तो नहीं देखा है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में किसी के प्रति भी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक मर्यादाओं का पालन हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है।
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने योजनाओं की गुणवत्ता पर खुलकर जताया असंतोष; कहा— 'मैं शत-प्रतिशत संतुष्ट नहीं, सुधार की जरूरत'
जमीनी हकीकत परखने के लिए जनप्रतिनिधियों व आम जनता से सीधा संवाद, स्थलीय फीडबैक के आधार पर दूर की जाएंगी कमियां
सांसद अरुण भारती पर कथित अमर्यादित टिप्पणी की निंदा; मांझी और चिराग पासवान के विवाद पर बोले— 'दोनों मेरे अभिभावक तुल्य'
कर्पूरी ठाकुर के वर्गीकरण मॉडल से आरक्षण लागू रखने की वकालत; कहा— समाज में वास्तविक बराबरी शिक्षा के प्रसार से ही संभव
वहीं, एनडीए के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बीच चल रही बयानबाजी और तकरार के सवाल पर उन्होंने सीधा रुख अपनाने से परहेज किया। मंत्री ने सधे अंदाज में कहा कि दोनों ही नेता उनके लिए अभिभावक समान हैं, इसलिए उनके बीच के विषय पर टिप्पणी करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए एकजुट है और सरकार अपने तय एजेंडे पर मजबूती से काम कर रही है।
कर्पूरी मॉडल से मिले आरक्षण, शिक्षा से आएगी सामाजिक बराबरी
आरक्षण की समीक्षा के मुद्दे पर मंत्री ने अपनी पार्टी और सरकार का रुख पूरी तरह साफ किया। उन्होंने कहा कि समाज के जिस वंचित तबके के साथ ऐतिहासिक रूप से अन्याय हुआ है और जो अब तक मुख्यधारा से नहीं जुड़ सका है, उसके लिए आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए जब तक वह पूरी तरह सशक्त न हो जाए।
उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर के आरक्षण फॉर्मूले का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि वंचित वर्गों के भीतर अलग-अलग श्रेणियां बनाकर लाभ देना चाहिए, जिससे सबसे अधिक जरूरतमंद व्यक्ति तक आरक्षण का वास्तविक लाभ पहुंच सके।
मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी रेखांकित किया कि केवल आरक्षण से ही समाज में पूर्ण बराबरी नहीं आ सकती। इसके लिए शिक्षा को जनांदोलन बनाना होगा। सरकार और समाज दोनों का प्राथमिक दायित्व है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। शिक्षा का स्तर जितना ऊपर उठेगा, सामाजिक विषमताएं उतनी ही तेजी से मिटेंगी और समाज में वास्तविक समानता स्थापित होगी।
