5 माह बाद भी रेलवे ने नहीं पूरा किया वादा, बांका-गया और आसनसोल-झाझा मेमू ट्रेनों के इंतजार में यात्री
आसनसोल रेल मंडल के आश्वासन के बावजूद बांका-गया और आसनसोल-झाझा मेमू ट्रेनें पांच माह बाद भी शुरू नहीं हो पाई ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
आसनसोल रेल मंडल ने पांच माह पहले दिया था आश्वासन।
बांका-गया और आसनसोल-झाझा मेमू ट्रेनें अब तक शुरू नहीं।
यात्रियों, छात्रों और दैनिक यात्रियों में भारी नाराजगी व्याप्त।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। आसनसोल रेल मंडल की ओर से दिए गए आश्वासन के बावजूद बहुप्रतीक्षित बांका-गया मेमू (वाया देवघर-नवादा) और सुबह पांच बजे आसनसोल-झाझा मेमू का परिचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है।
करीब पांच माह पहले रेलवे अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों ट्रेनों के परिचालन को लेकर भरोसा दिया गया था, इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई पहल नहीं होने से स्थानीय यात्रियों, छात्रों और एमएसटी धारकों में नाराजगी बढ़ रही है।
बता दें कि बांका और जमुई दो पड़ोसी जिले हैं और दोनों के बीच रेल संपर्क भी मौजूद है, इसके बावजूद आजादी के 78 वर्ष बाद भी दोनों जिलों के बीच सीधी ट्रेन सेवा नहीं होने की बात बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन ने उठाई है।
इसी समस्या को देखते हुए एसोसिएशन ने बांका-गया मेमू का प्रस्ताव रखा था। प्रस्तावित रेल सेवा बांका, कटोरिया, चांदन, देवघर, टेलवा बाजार, सिमुलतला, झाझा, गिद्धौर, जमुई, मननपुर, वारिसलीगंज, नवादा और गया को सीधे जोड़ सकती है।
आम लोगों को होती है परेशानी
वहीं, आसनसोल-झाझा रेलखंड पर सुबह 03:36 बजे हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस के गुजरने के बाद अगली ट्रेन सुबह 09:18 बजे है। करीब छह घंटे के इस अंतराल के कारण रोज दफ्तर, कोर्ट, स्कूल-कॉलेज और कारोबार के सिलसिले में आने-जाने वाले सैकड़ों दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या के समाधान के लिए सुबह पांच बजे आसनसोल से झाझा के लिए मेमू चलाने की मांग की गई थी। एसोसिएशन का कहना है कि रेलवे ने इस पर सहमति भी जताई थी, लेकिन अब तक परिचालन शुरू नहीं किया गया।
अध्यक्ष हर्षराज ने कहा कि मामले में तत्काल ठोस और निर्णायक कदम नहीं उठाया गया तो बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन आम जनता और दैनिक यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मांग को रेलवे प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाएगी।
