गांव की पगडंडियों से प्रोफेसर बनने का सफर! अमृता प्रीतम ने UGC NET में गाड़ा झंडा, 98.30 लाकर दिखाई अपनी ताकत
Jamui Amrita Pritam UGC NET Success: जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड की अमृता प्रीतम ने यूजीसी नेट परीक्षा में 98.30 ...और पढ़ें

Jamui Amrita Pritam UGC NET Success: जमुई के सिकंदरा की बेटी अमृता प्रीतम ने यूजीसी नेट में लहराया परचम, 98.30 परसेंटाइल पाकर बनेंगी असिस्टेंट प्रोफेसर
HighLights
अमृता प्रीतम ने UGC NET में 98.30 परसेंटाइल हासिल किया।
यह सफलता उन्हें सहायक प्राध्यापक बनने का मार्ग प्रशस्त करती है।
जमुई की बेटी ग्रामीण छात्राओं के लिए प्रेरणा बनीं।
संवाद सूत्र, सिकंदरा (जमुई)। Jamui Amrita Pritam UGC NET Success: प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत सिझौड़ी गांव की बेटी अमृता प्रीतम ने। अमृता ने अपनी अटूट लगन, नियमित अध्ययन और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा में 98.30 परसेंटाइल हासिल कर सफलता का परचम लहराया है।
उच्च शिक्षा में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) बनने की दिशा में हासिल इस शानदार उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सिझौड़ी समेत पूरे सिकंदरा और जमुई क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अमृता प्रीतम सिझौड़ी गांव निवासी जाने-माने अधिवक्ता विवेक कुमार की सुपुत्री हैं। एक साधारण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शीर्ष पायदान पर जगह बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश की छात्राओं और युवा प्रतिभाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है।
कंकड़बाग केंद्रीय विद्यालय से BHU तक का सफर
अमृता प्रीतम की शुरुआती पढ़ाई राजधानी पटना से हुई। उन्होंने पटना के कंकड़बाग स्थित केंद्रीय विद्यालय से अपनी प्रारंभिक शिक्षा के साथ मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का रुख किया।
जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत सिझौड़ी गांव की निवासी अमृता प्रीतम ने राष्ट्रीय स्तर की UGC NET परीक्षा में हासिल किया 98.30 परसेंटाइल
अधिवक्ता विवेक कुमार की मेधावी पुत्री अमृता ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पूरी की है स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई
पटना के कंकड़बाग स्थित केंद्रीय विद्यालय से हुई प्रारंभिक, मैट्रिक और इंटरमीडिएट तक की स्कूली शिक्षा
सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) बनने का मार्ग हुआ प्रशस्त, ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
बीएचयू से उन्होंने स्नातक (ग्रेजुएशन) और फिर स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान ही उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण और शोध कार्य को अपना लक्ष्य बना लिया था।
सहायक प्राध्यापक बनने का सपना होगा साकार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) में 98.30 परसेंटाइल का शानदार स्कोर हासिल करने के साथ ही अमृता के लिए अब देश और राज्य के किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय अथवा डिग्री कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में करियर संवारने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
उनकी इस गौरवशाली सफलता पर परिजनों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की मंगलकामना की है।
