'बेटी सिर मत झुकाना, स्कूल जाओ!' जमुई बैड टच कांड पर बोले पूर्व विधायक अजय प्रताप; अपराधियों के बहिष्कार की अपील
पूर्व विधायक अजय प्रताप ने जमुई के मड़वा पहाड़ प्रकरण में पीड़ित छात्रा का समर्थन किया है। उन्होंने अपराधियों के ...और पढ़ें

पूर्व विधायक अजय प्रताप।
HighLights
पूर्व विधायक अजय प्रताप ने पीड़ित छात्रा का खुलकर समर्थन किया।
छात्रा की बहादुरी की सराहना, उसे निडर होकर पढ़ने को कहा।
अपराधियों के सामाजिक बहिष्कार और त्वरित सजा की मांग की।
संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई के चर्चित मड़वा पहाड़ प्रकरण को लेकर पूर्व विधायक अजय प्रताप ने कड़ा रुख अपनाते हुए पीड़ित छात्रा के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। उन्होंने एक भावुक और प्रेरणादायी वीडियो संदेश जारी कर कहा कि 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्रा के साथ घटित शर्मनाक घटना महज एक बेटी की अस्मिता पर हमला नहीं है, बल्कि यह समूचे जमुई और सभ्य समाज के आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाने वाली कायराना हरकत है।
उन्होंने पीड़ित छात्रा को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह किसी भी हाल में खुद को कमजोर न समझे, घबराए नहीं और पूरी निडरता के साथ पहले की तरह स्कूल-कॉलेज जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करे व सामान्य जीवन जिए। पूर्व विधायक ने घटना के दौरान छात्रा द्वारा दिखाए गए अप्रतिम धैर्य और पराक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि मनचलों और आरोपितों की घेराबंदी के बीच जिस बहादुरी से छात्रा ने कड़ा प्रतिरोध किया और उनके चंगुल से सुरक्षित बाहर निकली, वह जमुई ही नहीं बल्कि पूरे सूबे की बेटियों के लिए अदम्य साहस की मिसाल है। छात्रा की यह हिम्मत अन्य बेटियों के लिए भी अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा बनेगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना के बाद पीड़िता या उसके परिवार को रत्ती भर भी सिर झुकाने या हीनभावना से ग्रसित होने की आवश्यकता नहीं है; सिर झुकाने और कानून व समाज के सामने जवाब देने की बारी उन वहशी मानसिकता वाले अपराधियों की है।
केवल कैंडल मार्च काफी नहीं, अपराधियों का हो सामाजिक बहिष्कार
अजय प्रताप ने सामाजिक चेतना पर जोर देते हुए कहा कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी केवल कैंडल मार्च निकालने, धरना देने या सोशल मीडिया पर आक्रोश जताने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। समाज को अब अपने बीच छिपे ऐसे विकृत मानसिकता वाले तत्वों को बेनकाब करना होगा।
उन्होंने जनता से पुरजोर अपील की कि कानून तो अपनी तय प्रक्रिया के तहत सजा देगा ही, लेकिन समाज को भी आगे आकर ऐसे अपराधियों और उनका साथ देने वालों का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व किसी बेटी की तरफ आंख उठाने की जुर्रत न कर सके।
पुलिस व वकीलों की सराहना, सुरक्षा के लिए रक्षक बने समाज
पूर्व विधायक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित एक्शन लेने के लिए जमुई जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के प्रति आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय अधिवक्ताओं की उस पहल का भी स्वागत किया, जिसमें अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि न्याय सिर्फ कानूनी कागजों और फाइलों तक सीमित नहीं दिखना चाहिए, बल्कि ऐसी नजीर पेश करने वाली त्वरित सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में किसी भी अपराधी के दिल में कानून का खौफ पैदा कर सके।
उन्होंने अंत में दोहराया कि छात्रा के साथ पूरा समाज चट्टान की तरह खड़ा है। यदि भविष्य में किसी ने भी पीड़िता या उसके परिवार को डराने, धमकाने या राह में रोकने की रत्ती भर भी कोशिश की, तो समाज और शासन दोनों मिलकर उसे कड़ा सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों की रक्षा के लिए अब हर नागरिक को एक सजग पहरेदार बनना होगा।
