जहानाबाद, जागरण संवाददाता। आम के आम गुठलियों के दाम। यह कहावत जिले के ग्रामीण इलाकों में चरितार्थ होता दिख रहा है। दरअसल, जिले की 18 पंचायतों में कचरा प्रबंधन के तहत कार्य किए जा रहे हैं। इसमें से कई पंचायतों में लगभग कार्य पूरे हो गए हैं तो कई में आवश्यक सामग्री उपलब्ध है और काम प्रगति पर है। इस योजना से एक ओर जहां गांव में स्वच्छता कायम होगी तो वहीं दूसरी ओर लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हुए। प्रत्येक पंचायत में पांच-पांच तथा हर एक वार्ड में एक-एक को रोजगार मिलेगा।

इन कर्मियों का वेतन स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत दिए जाएंगे। पंचायत स्तर पर नियुक्त पांच कर्मियों में से एक का काम सुपरवाइजर का रहेगा, दूसरा व्यक्ति ई रिक्शा का चालक होगा तथा अन्य लोग कचरा प्रबंधन केंद्र पर कार्यरत रहेंगे।

50 हजार रुपये खर्च कर किया जाएगा कचरा प्रबंधन

पंचायतों में शेड निर्माण पर सात लाख 50 हजार रुपये खर्च कचरा प्रबंधन के लिए पंचायतों में शेड का निर्माण किया जाना है, जिसपर सात लाख 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य मनरेगा योजना के तहत संचालित है। इसमें जंक्शन चेंबर का भी निर्माण होगा, जिसकी लागत पांच हजार है। प्रत्येक घरों में 10 लीटर के दो-दो डस्टबिन दिए जा रहे हैं। एक डस्टबिन की खरीद पर 90 रुपये का खर्च आ रहा है।

प्रत्येक वार्ड में दो सामुदायिक डस्टबिन की भी व्यवस्था की गई है जो 100 लीटर का है। प्रत्येक सामुदायिक डस्टबिन 18 हजार की लागत से खरीदे गए हैं।इसके अलावा पंचायत स्तर पर एक ई- रिक्शा, जिसकी लागत एक लाख 80 हजार है। प्रत्येक वार्ड में एक पेंडल रिक्शा होगा, जिसकी कीमत 20 हजार है।

इतने पंचायतों में उपलब्ध हुए संसाधन

सदर प्रखंड के सिकारिया, मंदिल और किनारी पंचायत में कचरा प्रबंधन को लेकर कार्य लगभग अंतिम चरण पर है। मखदुमपुर प्रखंड की चार पंचायत कलनौर,सुमेरा, रामपुर और धरनई में कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।

हुलासगंज प्रखंड की दो पंचायत कोकरसा और हुलासगंज, रतनी फरीदपुर प्रखंड की कंसुआ, कसमा तथा रतनी पंचायत और घोसी प्रखंड की तीन पंचायत लखावर, कुर्रे और उबेर में कचरा प्रबंधन का कार्य अंतिम चरण में है। मोदनगंज प्रखंड की चार पंचायतों में भी संसाधन उपलब्ध होने लगे हैं। अभी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

Edited By: Umesh Kumar