संवाद सहयोगी, किजर, अरवल

केंद्रीय जल आयोग किजर कार्यालय के अनुसार बुधवार को पुनपुन नदी खतरे के निशान से 227 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है। लेकिन नदी के जलस्तर में सुबह से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है । पानी के स्थिर रहने से लोग राहत की सांस ले रहे हैं। हालांकि बाढ़ का पानी पुनपुन नदी तट के आसपास के कई गांव में प्रवेश कर गया है। धान की 80 फ़ीसद फसल डूब गया है। कई गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क भी भंग हो चुका है। लोग भर कमर पानी में प्रवेश कर रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए बाजार आने जाने को मजबूर हैं।कई गांव में तो भारी सामान लेकर जाना बिल्कुल नामुमकिन है। पुनपुन का पानी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र , सूर्य मंदिर, प्लस टू उच्च विद्यालय मिर्जापुर, महरिया प्राथमिक विद्यालय सहित कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है। वहीं किजर उजैन पट्टी मोहल्ले में रविशंकर सिंह का पुराना मकान गिर चुका है। इधर किदुई स्थित बलदइया नदी भी काफी उफान पर है। किदुई उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में काफी जलजमाव हो गया है। जहांगीरपुर स्थित एनएच 110 से अवगीला संपर्क पथ के ऊपर पानी का बहाव काफी तेज है जहांगीर पुर सहित कई गांव के चारों ओर नदी का पानी से घिरा हुआ है। इधर नदी का पानी हेलालपुर, कमरिया, बिजरूख, समनपुर, महरिया, रूपापुर, किजर, नगला, खोजन , सोहसा, करहरी आदि गांव के चारों ओर फैल चुका है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय ने बताया कि एक सेंटीमीटर की जल बढ़ोतरी में कमी आई है ।अगर बारिश नहीं हुई और साथ ही इंद्रपुरी बराज से पानी नहीं छोड़ा गया तो दो दिनों में स्थिति बहुत कुछ सामान्य हो जाएगी।

Posted By: Jagran

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