बिहार में 36 साल के 'बच्चे' को जेल से 'सुरक्षित स्थान' भेजा गया, 19 वर्ष पहले किया था पत्नी का मर्डर
एक मगही गायक से जुड़े 19 साल पुराने दहेज हत्या मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपी ने घटना ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
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जागरण टीम, औरंगाबाद/जहानाबाद। एक महिला की दहेज हत्या का करीब 19 साल पुराना मामला (ehanabad Dowry Death Case) आरोपित की उम्र के दावे के बाद फिर चर्चा में है। मामले में आरोपित मगही गायक को मंडल कारा, काको से औरंगाबाद स्थित सुरक्षित स्थान भेजा गया है।
आरोपित की ओर से दावा किया गया है कि घटना के समय उसकी उम्र महज 17 वर्ष थी। उम्र के इसी दावे के आधार पर मामले को किशोर न्यायालय के समक्ष ले जाया गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित स्थान भेजने की कार्रवाई हुई।
19 साल पहले किया था मर्डर
मामले वर्ष 2007 का है। जहानाबाद सदर थाने में मृतका के पिता के बयान पर दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए महिला को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने का आरोप लगाया गया था।
घटना के समय महिला गर्भवती थी और दूसरी संतान को जन्म देने वाली थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि महिला को जहानाबाद से मारपीट कर पटना जिले के मसौढ़ी ले जाया गया, जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई।
हालांकि, आरोपित पक्ष की ओर से घटना की अलग कहानी बताई गई। उसके अनुसार महिला चापाकल पर पानी लेने गई थी, जहां अचानक अचेत होकर गिर गई। स्वजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मां-बहन फरार
मामले में आरोपित के पिता, मां और बहन को भी आरोपित बनाया गया था। पिता को जमानत मिल चुकी है, जबकि मां और बहन फरार हैं।
प्राथमिकी दर्ज होने के करीब आठ वर्ष बाद 2015 में जहानाबाद कोर्ट ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया।
इसके बावजूद संबंधित आरोपित की गिरफ्तारी करीब पांच माह पहले हुई। करीब दो दशक पुराने इस मामले में कार्रवाई की रफ्तार पर सवाल भी उठते रहे हैं।
गिरफ्तारी के बाद आरोपित की ओर से दावा किया गया कि घटना के समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। उम्र के इस दावे ने मामले की कानूनी दिशा बदल दी।
मामले को किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत ले जाया गया और इसी क्रम में उसे काको जेल से औरंगाबाद स्थित सुरक्षित स्थान भेजा गया।
क्या है सुरक्षित स्थान?
इसे बाल सुधार गृह से अलग माना जाता है। बाल सुधार गृह में कानून का उल्लंघन करने के आरोपित बच्चों को रखा जाता है। 16 से 18 वर्ष के उन किशोरों को सुरक्षित स्थान में रखा जाता है, जिन पर हत्या या दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के आरोप हों।
दूसरी शादी कर चुका है आरोपी
मृतका के परिवार के अनुसार उसका एक पुत्र आशीष रंजन है, जो अब बालिग है और अपने नाना के साथ रहता है। मृतका का मायका अरवल जिले में है। आरोपित ने बाद में दूसरी शादी भी की, जिससे एक बेटी है।
