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जहानाबाद में 5 साल के बच्चे से दुराचार के बाद गला रेता, फिर पूरे शरीर को ब्लेड से काटा; आरोपी गार्ड का कबूलनामा

Published: Sat, 11 Apr 2026 05:41 AM (IST)

जहानाबाद के गुरुकुल आवासीय विद्यालय में पांच वर्षीय छात्र की निर्मम हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा को गिरफ्तार किया गया।

स्कूल में मासूम की हत्या का खुलासा

स्कूल में मासूम की हत्या का खुलासा

HighLights

  1. जहानाबाद स्कूल में पांच वर्षीय छात्र की हत्या।

  2. गार्ड मुकेश कुमार ने दुराचार कर ब्लेड से मारा।

  3. स्कूल संचालक ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

जागरण संवाददाता, जहानाबाद। कड़ौना थाना क्षेत्र के कनौदी-लोदीपुर गांव के समीप तीन मंजिला भवन में संचालित गुरुकुल आवासीय विद्यालय में पांच वर्षीय छात्र की निर्मम हत्या की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आते ही सुलझ गई। भवन के निचले तल पर संचालित अर्ध सैनिक कैंटीन के गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा ने दुराचार के बाद मासूम की निर्मम तरीके से हत्या की थी। 

वह जिले के पाली थाना क्षेत्र के बेवई गांव का निवासी है, घटना के बाद से ही वह पुलिस की हिरासत में था। अब उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वह तीसरे तल पर एक कमरा लेकर रहता था और एक पैर से आंशिक रूप से दिव्यांग है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार ब्लेड भी बरामद कर लिया है। 

नपुंसक कहकर चिढ़ाया करते थे लोग

एसपी अपराजित लोहान ने प्रेसवार्ता में बताया कि एक साल पहले गार्ड की पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। तब से लोग उसे नपुंसक कह कर चिढ़ाया करते थे, लगातार अपमानित होने से उसमें साइको (विकृत या हिंसक) व्यवहार उत्पन्न हो गया था। स्कूल संचालक से भी उसके रिश्ते अच्छे नहीं थे। 

पांच अप्रैल की शाम को वह पास के टेनी बिगहा से शराब खरीद कर लाया, जिसे पीने के बाद नशे में धुत होकर अपने कमरे की ओर बढ़ा, इसी क्रम में मासूम पर नजर पड़ी और उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। सीढ़ी के नीचे अंधेरे वाली जगह पर ले जाकर मासूम के साथ दुराचार किया, चीखने पर मुंह में गमछा ठूंस दिया। 

गला, पेट व गुप्तांग काट दिया

बच्चा बेहोश हो गया, इसके बाद धारदार ब्लेड से उसका गला, पेट व गुप्तांग काट दिया और रात्रि में ही अपने गांव फरार हो गया। खून से लथपथ बच्चा पूरी रात सीढ़ी के पास ही पड़ा रहा। दूसरे दिन छह अप्रैल की सुबह पांच बजे जब हॉस्टल का एक बच्चा नीचे उतरा तो मासूम को जख्मी अवस्था में गिरा देख शोर मचाया, सूचना पर स्कूल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी पहुंचा। 

पुलिस व मासूम के परिवार वालों को प्रथम दृष्टया सूचना न देकर वह स्कूल को बदनामी से बचाने के लिए साक्ष्य मिटाने में जुट गया, जहां-जहां मासूम के खून के धब्बे थे, उसे धोने का प्रयास किया गया।