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अरवल में देह व्यापार का कहर: HIV के 43 नए मामलों की पहचान, 19 महिलाएं शामिल 

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:04 PM (IST)

अरवल में देह व्यापार अब होटलों और मैरिज हॉल तक फैल गया है, जिससे रेड लाइट एरिया के साथ-साथ इन जगहों पर भी अनैतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।

अरवल का रेड लाइट एरिया। फोटो जागरण

अरवल का रेड लाइट एरिया। फोटो जागरण

HighLights

  1. अरवल में होटल-मैरिज हॉल में भी देह व्यापार जारी।

  2. नवंबर तक 43 नए एचआईवी संक्रमितों की पहचान हुई।

  3. पुलिस ने रेड लाइट एरिया और होटलों पर की छापेमारी।

जागरण संवाददाता, अरवल। शहर में देह व्यापार का धंधा अब रेड लाइट एरिया तक सीमित नहीं रह गया है। होटल और मैरिज हॉल की आड़ में भी जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है।

दूसरी ओर, जिले में एचआइवी संक्रमण के नए मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष नवंबर तक 43 नए एचआइवी संक्रमितों की पहचान हुई है, जबकि पहले से 390 मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, इस वर्ष होटल और मैरिज हॉल में दो बार तथा रेड लाइट एरिया में भी दो बार छापेमारी की गई। इन कार्रवाइयों में दो दर्जन से अधिक लोगों को थाने लाया गया।

पुलिस ने बताया कि बालिग होने के कारण चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया गया। दो दिन पूर्व भी एक उत्सव हाल से 10 महिला व पुरुष को पकड़ा गया था।

एसडीपीओ कुमार संजय ने कहा कि जिले के होटल और मैरिज हॉल में औचक जांच की जाती है। अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल छापेमारी की जाती है। रेड लाइट एरिया में भी नियमित निगरानी और समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है।

रेड लाइट एरिया के आसपास रहने वाले लोग परेशान

स्थानीय लोगों के अनुसार, रेड लाइट एरिया में दिन के उजाले में भी देह व्यापार की गतिविधियां होती हैं। सुबह से शाम तक असामाजिक तत्वों की भीड़ जुटी रहती है।

रेड लाइट एरिया के आसपास आम लोगों के घर भी हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस नियमित रूप से निगरानी करे तो अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। कभी-कभार छापेमारी होने के बाद फिर गतिविधियां शुरू हो जाती हैं।

नए संक्रमितों में 8 गर्भवती महिलाएं

जिले में नवंबर तक मिले 43 नए एचआइवी संक्रमितों में आठ गर्भवती महिलाएं और 11 सामान्य महिलाएं शामिल हैं। वहीं, वंशी प्रखंड के एक गांव में पति-पत्नी के एचआइवी पॉजिटिव होने के बावजूद इलाज नहीं कराने की बात सामने आई है।

सीनियर लैब टेक्नीशियन गोपाल प्रसाद ने बताया कि अधिक संक्रमित मिलने वाले इलाकों में शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक शिविर में एक-दो नए संक्रमित मिल रहे हैं।

सीडीओ डॉ. नंद बिहारी शर्मा ने बताया कि जागरूकता अभियान के साथ जांच भी कराई जा रही है। सरकारी लैब में हुई जांच का आंकड़ा विभाग के पास रहता है, लेकिन निजी लैब में जांच कराने वालों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है।

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