Bihar New Rail Line: बिहारशरीफ-जहानाबाद रेल प्रोजेक्ट पर लगा ब्रेक, RTI में हुआ वजह का खुलासा
बिहारशरीफ और जहानाबाद के बीच प्रस्तावित रेल परियोजना (Bihar New Rail Line) कम वित्तीय प्रतिफल दर के कारण अटक गई है।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
कम वित्तीय प्रतिफल दर के कारण परियोजना अटकी।
रेलवे वित्त विभाग ने बजट फाइल को मंजूरी नहीं दी।
2101.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली योजना।
धीरज, जहानाबाद। बिहारशरीफ और जहानाबाद के बीच रेल कनेक्टिविटी का सपना फिलहाल लो रिटर्न के फेर में अटक गया है। 66.600 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित इस रेल परियोजना को जमीनी स्तर पर उतारने से पहले ही वित्तीय गणित आड़े आ गया है।
2101.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली परियोजना की वित्तीय आंतरिक प्रतिफल दर (एफआइआरआर) 10 प्रतिशत से कम आंकी गई है। कम प्रतिफल के कारण रेलवे के वित्त विभाग ने अभी तक बजट की फाइल को मंजूरी नहीं दी है।
रेलवे की प्रस्तावित योजना के अनुसार, नई रेल लाइन बिहारशरीफ से शुरू होकर सोहसराय, परवलपुर, एकंगरसराय, बंधुगंज, घोसी और काको होते हुए जहानाबाद तक पहुंचेगी।
इस लाइन के निर्माण से इन क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। लेकिन अभी इसकी शुरुआत वित्तीय स्वीकृति के पेच में फंसी है।
कम कमाई ने बढ़ाई चिंता
किसी भी नई रेल परियोजना को मंजूरी देने से पहले रेलवे लागत और संभावित आमदनी का आकलन करता है। निर्माण, स्टेशन और अन्य ढांचागत सुविधाओं पर होने वाले खर्च की तुलना भविष्य में यात्री किराया और माल ढुलाई से होने वाली आय से की जाती है।
इसी आधार पर वित्तीय आंतरिक प्रतिफल दर तय होती है। बिहारशरीफ-जहानाबाद परियोजना में खर्च की तुलना में संभावित कमाई कम रहने का अनुमान सामने आया है। इसी कारण वित्त विभाग की मंजूरी नहीं मिल सकी है।
रेलवे के वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद ही फाइल को आगे की कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड के पास भेजा जाएगा। यानी फिलहाल परियोजना की अगली राह वित्तीय मंजूरी से होकर गुजरती है।
आरटीआई में सामने आई जानकारी
परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी जहानाबाद-मखदुमपुर के आरटीआई कार्यकर्ता दीपक कुमार की ओर से मांगी गई सूचना के जवाब में रेलवे बोर्ड ने दी है।
जवाब में परियोजना की लागत, लंबाई और वित्तीय प्रतिफल दर समेत वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की गई है। इससे स्पष्ट है कि फिलहाल परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी निर्माण से पहले वित्तीय स्वीकृति की है।
क्षेत्र के लोगों की निगाह अब इस बात पर टिकी है कि रेलवे का वित्त विभाग परियोजना की फाइल को कब मंजूरी देता है और प्रस्तावित रेल लाइन की राह कब साफ होती है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ही यह रेल परियोजना अगले चरण में प्रवेश कर सकेगी।
