जहानाबाद पैक्स चुनाव में अब नहीं चलेगी मनमानी, सदस्यों का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन
जहानाबाद जिले में पैक्स सदस्यों की मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए डेटा का ई-डिजिटलीकरण शुरू किया गया है। ...और पढ़ें

जहानाबाद में पैक्स सदस्यों का डेटा होगा ऑनलाइन, चुनाव में बढ़ेगी पारदर्शिता (AI Generated Image)
HighLights
पैक्स सदस्यों की मतदाता सूची का ई-डिजिटलीकरण शुरू।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मनमानी पर रोक लगेगी।
किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जिले में प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) से जुड़े सदस्यों की मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की पहल शुरू की गई है। पैक्स सदस्यों के डेटा का ई-डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
जिले के कुल 93 पैक्स में से 63 पैक्स में सदस्यों का नाम और संबंधित विवरण ऑनलाइन करने का काम शुरू है। इन 63 पैक्सों में कुल 73 हजार 726 सदस्य शामिल हैं।
अब तक 7,645 सदस्यों का डेटा डिजिटल किया जा चुका है। इसके दो माह का समय निर्धारित किया गया है।
इस प्रक्रिया से जहां सदस्यों का रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा, वहीं पैक्स चुनाव में मतदाता सूची को लेकर होने वाली गड़बड़ियों और मनमानी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से सदस्यों के नाम और विवरण का सत्यापन करना आसान होगा। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ओटीपी और आधार से कराएं डेटा अपडेट
पैक्स सदस्यों के डेटा को ऑनलाइन करने के लिए संबंधित सदस्यों को अपना विवरण अपडेट कराना होगा। इसके लिए ओटीपी और आधार के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
इसके अलावा, सदस्य अपने संबंधित पैक्स कार्यालय पहुंचकर भी डेटा अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। डेटा अपडेट नहीं होने की स्थिति में सदस्यों को अपना विवरण दर्ज कराने और उसका सत्यापन कराने में परेशानी हो सकती है।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मिलेगी सहूलियत
पैक्स सदस्यों का डेटा ऑनलाइन होने से सरकार को किसानों की जरूरतों के अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन में सहूलियत मिलेगी। डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सदस्यों से संबंधित जानकारी जुटाना और उसका सत्यापन करना आसान होगा।
इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। ऑनलाइन डेटा उपलब्ध रहने से चुनाव के दौरान सूची में मनमाने तरीके से नाम जोड़ने या हटाने जैसी शिकायतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, इसके लिए सदस्यों का सही और अद्यतन डेटा दर्ज होना जरूरी है।
सहकारिता विभाग के निर्देश पर पैक्स सदस्यों के मतदाता सूची को डिजिटल का कार्य शुरू है। सदस्य अपने नाम को डिजिटल करने के लिए ओटीपी या आधार के माध्यम से करा सकते हैं। - नेश गोल्ड, डीसीओ
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