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बिहार में पैक्सों और व्यापार मंडलों का होगा विस्तार, 20 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Published: Wed, 26 Aug 2026 07:09 PM (IST)

बिहार में पैक्सों और व्यापार मंडलों के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, जिससे 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार ...और पढ़ें

बिहार में पैक्सों और व्यापार मंडलों का होगा विस्तार, 20 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार (AI Generated Image)

बिहार में पैक्सों और व्यापार मंडलों का होगा विस्तार, 20 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार (AI Generated Image)

HighLights

  1. पैक्सों और व्यापार मंडलों का कार्यक्षेत्र बढ़ेगा।

  2. डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन जैसे नए क्षेत्रों से जुड़ेंगे।

  3. बिहार में 20 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे।

दीनानाथ साहनी, पटना। बिहार में पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार जल्द ही 8463 पैक्सों और 500 से अधिक व्यापार मंडलों के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने जा रही है।

ये सहकारी संस्थाएं अब केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन संस्थाओं को डेरी, मत्स्य पालन, भंडारण (वेयर हाउसिंग), फूड प्रोसेसिंग, हरित ऊर्जा (ग्रीन इनर्जी) और पर्यटन जैसे क्षेत्रों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव सहकारिता विभाग ने तैयार किया है जिसमें पैक्सों और

व्यापार मंडलों में संबंधित व्यवसाय को बढ़ावा देने और बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा दिलाने का प्रविधान किया गया है। इस पर जल्द ही कैबिनेट से स्वीकृति ली जाएगी।

सहकारिता विभाग ने पैक्सों और व्यापार मंडलों में नए व्यवसाय को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन का जो प्रविधान किया है वो बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के तहत है। हाल ही में कैबिनेट की बैठक में नई सहकारिता नीति को स्वीकृति दी गई है।

सहकारिता विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नई सहकारिता नीति के माध्यम से बिहार सरकार एकबार फिर से राज्य में सहकारिता आंदोलन को तेज करने जा रही है। इसका उद्देश्य सुस्त पड़ चुकी

सहकारी संस्थाओं को व्यावसायिक रूप से आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाना है, अगले पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

चूंकि अभी तक पैक्स और व्यापार मंडल केवल कृषि तक सीमित हैं, इसलिए विभाग ने सभी पैक्सों और व्यापार मंडलों के सहयोग से गांवों को कोआपरेटिव विलेज के रूप में विकसित करने और हर पंचायत में सहकारी इकाई खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है।

प्रस्ताव का मूल मंत्र यही है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले, ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन हो और लोगों की आमदनी बढ़े। प्रस्ताव पर जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल से स्वीकृति ली जाएगी। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद

एक्शन प्लान बनाकर जल्द लागू किया जाएगा। एक्शन प्लान का भी प्रारुप तैयार किया जा रहा है। एक्शन प्लान को लागू करने से पहले पैक्सों से जुड़े किसानों से सुझाव मांगे जाएंगे।

पैक्सों में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, ताकि नए लोग जुड़ सकें। वर्तमान में 8463 पैक्सों में करीब एक करोड़ 33 लाख सदस्य हैं। इनमें महिलाओं की संख्या 36 लाख है। साढ़े चार लाख नये सदस्य बनाए गए हैं।