गोपालगंज : जलस्तर घटने के बाद गंडक नदी मांझा प्रखंड की निमुइया पंचायत के गांवों के समीप तेजी से कटाव कर रही है। गंडक नदी के तेज कटाव से निमुइयां पंचायत के चार वार्ड की आबादी पर संकट मंडराने लगा है। इन वार्डों के ग्रामीण अपना अपना घर तोड़कर सामान समेटने लगे हैं। जिनका घर नदी के कटाव की तरफ है, वे ग्रामीण पलायन करने लगे हैं। गंडक नदी के तेज कटाव को देखते हुए ग्रामीण गांव से बाहर निकल कर अपने मवेशियों के चारे के लिए व्यवस्था कर रहे हैं।

बीते अगस्त महीने में नेपाल के तराई इलाके में लगातार हुई बारिश के कारण वाल्मीकि नगर बराज से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा के निचले इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। सदर प्रखंड, मांझा प्रखंड, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा के निचले इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद ग्रामीण गांव छोड़कर ऊंचे स्थानों तथा तटबंध पर शरण लेने लगे। इधर पिछले कुछ दिनों में वाल्मीकिनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज कम होने से गंडक नदी का जलस्तर घटने लगा है। पानी घटने से तटबंध पर शरण लिए ग्रामीण अपने अपने गांव में लौटने लगे, लेकिन इसी बीच जलस्तर घटने के बाद गंडक नदी मांझा प्रखंड की निमुइया पंचायत के गांवों के समीप तेजी से कटाव करने लगी है। गंडक नदी की धारा ढाई किलोमीटर कटाव करती हुए इस पंचायत के संखवा गांव के पास पहुंच गई है। गांव के समीप तटबंध पर भी नदी का कटाव हो रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। गंडक नदी निमुइयां पंचायत के सखवा टोक, गछु टोला, बुझी रावत के टोला, माया तिवारी के टोला में भी तेजी से कटाव कर रही है। गंडक नदी के तेज कटाव को देखते हुए वार्ड संख्या 1 , 2, 7 व 8 के लोग अपना पक्का घर, पलानी, झोपड़ी तोड़कर ईंट बांस बल्ली समेट कर पलायन करने लगे हैं। निमुइया पंचायत में तटबंध में गंडक नदी के कटाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने यहां कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू कर दिया है। बुधवार को जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार पटेल सखवा टोक पहुंचकर गंडक नदी के कटाव का जायजा लिया। उन्होंने तेज कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधीक्षण अभियंता विमल कुमार नीरज से दूरभाष पर बात कर कटाव रोधी कार्य के बारे में जानकारी ली। अधीक्षण अभियंता से बात करने के बाद उन्होंने बताया कि जादोपुर- मंगलपुर महासेतु के उत्तर तरफ पुल के चार पाया के बीच मिट्टी से भर गया है, जिसके चलते दक्षिण तरफ के इलाके में गंडक नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी के तेज कटाव के कारण निमुइया पंचायत के चार वार्ड की आबादी पर संकट में आ गई है।

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