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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुखिया से सफर की शुरुआत कर मंत्री बने रामसेवक सिंह

By JagranEdited By:
Published: Sun, 02 Jun 2019 05:33 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 02 Jun 2019 06:03 PM (GMT+05:30)

हथुआ विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक बनने वाले जदयू विधायक रामसेवक सिंह को लंबे समय के बाद सूबे की सरकार में मंत्री पद मिला।

मुखिया से सफर की शुरुआत कर मंत्री बने रामसेवक सिंह
मुखिया से सफर की शुरुआत कर मंत्री बने रामसेवक सिंह

गोपालगंज : हथुआ विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक बनने वाले जदयू विधायक रामसेवक सिंह को लंबे समय के बाद सूबे की सरकार में मंत्री पद मिला। रामसेवक सिंह को मंत्री बनाए जाने के बाद समर्थकों में खुशी व उत्साह का माहौल बना रहा। किसान के घर जन्म लेने वाले रामसेवक सिंह ने पहली बार पंचायत चुनाव में उचकागांव प्रखंड के बलेसरा पंचायत से वर्ष 2001 में नामांकन पत्र दाखिल किया। पहली ही बार में वे बलेसरा पंचायत से मुखिया के पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। वर्ष 2005 के फरवरी माह में हुए विधानसभा चुनाव में वे पहली बार जदयू की टिकट पर मीरगंज विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे। पहली ही बार वे जदयू के टिकट पर कांग्रेस प्रत्याशी बाबुद्दीन खां को हराकर विधायक निर्वाचित हुए। इसी साल दोबारा नवंबर माह में हुए चुनाव में वे मीरगंज विधानसभा सीट से दोबारा मैदान में उतरे। इस चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी बाबुद्दीन खां को हराकर जीत दर्ज की। वर्ष 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में मीरगंज विधानसभा सीट को हथुआ विस क्षेत्र बना दिया गया। हथुआ विस क्षेत्र से वे जदयू की टिकट पर फिर चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने राजद के प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह को बड़े अंतर से हरा दिया। वर्ष 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में रामसेवक सिंह लगातार चौथी बार जदयू के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए। इस चुनाव में उन्होंने हिदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रत्याशी महाचंद्र प्रसाद सिंह को हराया। इस बीच रामसेवक सिंह को जदयू में पार्टी पदाधिकारी की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

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