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Bihar Agriculture : बिहार के इस जिले में धान की होगी बंपर खेती, कृषि विभाग किसनों की ऐसे करेगा मदद; ये है टारगेट

Bihar Agriculture News Hindi कृषि विभाग इस साल बिहार के गोपालगंज जिले में धान की खेती को लेकर पूरा जोर लगा रहा है। इसके लिए विभाग ने जबरदस्त तैयारी भी कर ली है। हर एक प्रखंड के लिए विभाग ने बकायदा लक्ष्य निर्धारित करते हुए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपादान वितरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

By Mithilesh Tiwari Edited By: Mukul Kumar Tue, 28 May 2024 03:50 PM (IST)
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। Bihar Politics News Hindi अब कृषि विभाग धान की खेती की तैयारी में जुट गया है। इस बार जिले में 97 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की जाएगी। इस बार धान की खेती में श्रीविधि पर ही जोर रहेगा।

इस साल भी कृषि विभाग के लिए समय से पर्याप्त मात्रा में बीज व खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना चुनौती के समान होगा। हरेक प्रखंड के लिए विभाग ने बकायदा लक्ष्य निर्धारित करते हुए बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपादान वितरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

गेहूं की कटनी के बाद गरमा मूंग की खेती के साथ ही कृषि विभाग ने धान की खेती को लेकर अपनी कवायद शुरू कर दी है। इस कवायद के तहत इस बार 97 हजार हेक्टेयर में धान की खेती कराने का जिला कृषि विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है।

धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित

लक्ष्य निर्धारित होने के बाद समय से बीज और खाद उपलब्ध करने की दिशा में भी कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है। जिला कृषि पदाधिकारी भुपेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही इस बार श्रीविधि से धान की खेती पर जोर दिया जाएगा।

इसके लिए किसानों को चयनित करने की प्रक्रिया जल्द की शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि लक्ष्य निर्धारित करने के बाद प्रत्येक प्रखंड में किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए बकायदा अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा दुकानों में ससमय बीज उपलब्ध होने की भी व्यवस्था की जाएगी।

उर्वरक की उपलब्धता होगी चुनौती

कृषि विभाग के आंकड़ों को मानें तो धान की खेती के लिए करीब तीन हजार एमटी एनपीके मिक्सचर के अलावा करीब चार हजार एमटी एसएसपी की जरुरत होगी। अलावा इसके किसानों को इस अभियान में करीब 17 हजार एमटी यूरिया की भी दरकार होगी।

कृषि विभाग के लिए समय से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती होगी। पिछले सालों में खाद व बीज की समय से उपलब्धता नहीं होने का अनुभव इस बात की गवाही दे रहा है कि इस समस्या से निकलना कृषि विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी।

प्रति वर्ष कृषि विभाग पर समय से खाद नहीं उपलब्ध कराने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे मे विभाग इस साल इस बड़ी समस्या से निजात दिलाने के लिए पूर्व से ही तैयारियों में जुटा दिख रहा है।

कहां कितनी धान की खेती का लक्ष्य

प्रखंड - लक्ष्य (हेक्टेयर में)

बैकुंठपुर 6400

सिधवलिया 3000

बरौली 9900

मांझा 6100

गोपालगंज 6500

थावे 2500

कुचायकोट 13500

हथुआ 8400

उचकागांव 5220

फुलवरिया 5425

भोरे 8800

कटेया 9130

विजयीपुर 7575

पंचदेवरी 4600

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