पटना में पढ़ाई, IIT BHU से इंजीनियरिंग और अब ISRO में चयन; गोपालगंज के किसान के बेटे ने रचा इतिहास
गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड के धर्मपुर गांव निवासी मयंक कुमार का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक पद ...और पढ़ें

इसरो में वैज्ञानिक बने मयंक कुमार। सौ-स्वजन
HighLights
मयंक कुमार का इसरो में वैज्ञानिक पद पर चयन।
गोपालगंज के धर्मपुर गांव निवासी ने जिले का मान बढ़ाया।
आईआईटी बीएचयू से बीटेक, गेट में 57वीं रैंक हासिल की।
संवाद सूत्र, कुचायकोट (गोपालगंज)। प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर गोपालगंज के एक और युवा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
कुचायकोट प्रखंड के धर्मपुर गांव निवासी मयंक कुमार का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक पद पर हुआ है।
उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है। गुरुवार की शाम परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा है।
मयंक गांव के प्रतिष्ठित किसान आशुतोष राय और गृहिणी सुधा राय के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पटना के एक विद्यालय से की।
दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने आइआइटी बीएचयू में दाखिला लिया। यहां से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।
गेट में हासिल की थी ऑल इंडिया 57वीं रैंक
मयंक ने इसी वर्ष ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) में ऑल इंडिया रैंक 57 हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
इसके बाद उन्होंने इसरो में वैज्ञानिक पद पर चयन के लिए आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया। गुरुवार को घोषित परिणाम में उनका चयन हो गया।
परीक्षा परिणाम में उनकी पैनल पोजीशन 20वीं है। गेट में बेहतर रैंक हासिल करने के बाद इसरो में चयन उनकी मेहनत और निरंतर तैयारी का परिणाम माना जा रहा है।
अंतरिक्ष अनुसंधान में योगदान देने का सपना
अपनी सफलता पर मयंक ने कहा कि इसरो में वैज्ञानिक के रूप में काम करना उनका सपना था। इसरो में चयन के साथ उनका यह सपना पूरा होने जा रहा है।
अब उनका प्रयास देश के अंतरिक्ष अनुसंधान और वैज्ञानिक विकास के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने का होगा। उन्होंने कहा कि वह अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग राष्ट्र की सेवा में करना चाहते हैं।
मयंक की सफलता पर उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनेगी।