जदयू जिलाध्यक्ष चुनाव में बवाल: गोपालगंज में दो गुटों में बंटे कार्यकर्ता, पार्टी लेगी अंतिम फैसला
गोपालगंज में जदयू जिलाध्यक्ष चुनाव बैठक हंगामेदार रही। कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए, आरोप-प्रत्यारोप लगे। पर्यवेक्षक की अनुपस्थिति में ...और पढ़ें

जदयू जिलाध्यक्ष चुनाव में हंगामा। (जागरण)
HighLights
गोपालगंज में जदयू जिलाध्यक्ष चुनाव बैठक में हंगामा हुआ।
कार्यकर्ता दो गुटों में बंटे, भेदभाव के आरोप लगे।
चुनाव स्थगित, अंतिम फैसला नीतीश कुमार करेंगे।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। शहर के ब्लॉक कॉलोनी स्थित सम्राट अशोक भवन में रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आयोजित बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई।
चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए और आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। बैठक में जिलाध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
चुनावी पर्यवेक्षक सतीश कुमार की मौजूदगी में प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन के बाद समर्थन को लेकर बहस तेज हो गई और देखते ही देखते कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ते देख पर्यवेक्षक सभागार से बाहर निकल गए। प्रवेक्षक के बाहर जाने के बाद निर्वाची पदाधिकारी द्वारा आदित्य शंकर शाही को पुनः जिलाध्यक्ष मनोनीत किए जाने की घोषणा कर दी गई।
भेदभाव का लगा आरोप
इस निर्णय के बाद विरोधी गुट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जिलाध्यक्ष पद के दावेदार संजीत कुमार चौबे ने चुनाव प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि पर्यवेक्षक की गैरमौजूदगी में चुनाव कराना नियमों के विरुद्ध है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी हुई है।
हंगामे के बीच एक गुट ने आदित्य शंकर शाही को बधाई दी और समर्थन जताया, जबकि दूसरे गुट के कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया।
इस संबंध में चुनाव पर्यवेक्षक सतीश कुमार ने बताया कि फिलहाल चुनाव स्थगित कर दिया गया है तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के वरीय नेताओं को दे दी गई है। आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
मामले पर अंतिम फैसला नीतीश कुमार के स्तर से लिया जाएगा। घटना के बाद जिले की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है और कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
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