विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोपलगंज में 1 महीने तक ई-शिक्षा कोष पर नहीं बनी हाजिरी, विभाग ने शिक्षिका से मांगा जवाब

Published: Thu, 14 May 2026 03:45 PM (IST)

गोपालगंज में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने पर एक शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कार्यालय की ओर से बरौली प्रखंड की एक शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

विभागीय पत्र के अनुसार, उर्दू मध्य विद्यालय चरवाहा विशुनपुरा में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षिका कुमारी सरोज द्वारा अप्रैल माह में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर एक भी दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। मामले को गंभीर मानते हुए विभाग ने इसे लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता माना है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना साहेब आलम ने बताया कि विभागीय निर्देशों के तहत ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। इसके बावजूद पूरे माह उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने को नियमों की अवहेलना माना गया है।

विभाग ने शिक्षिका को पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले में ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है। हाल के दिनों में कई विद्यालयों के शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट की समीक्षा की गई है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों से जवाब-तलब किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि आनलाइन उपस्थिति व्यवस्था से विद्यालयों में शिक्षकों की नियमितता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। इस संबंध में जारी पत्र की प्रतिलिपि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बरौली को भी भेजी गई है।

उन्हें संबंधित शिक्षिका को पत्र का तामिला कराने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी पूरे मामले की सूचना भेजी गई है।

यह भी पढ़ें- बिहार में सरकारी कामकाज में निजी ई-मेल और नंबर पर बैन की तैयारी, आधिकारिक e-mail इस्तेमाल करने का निर्देश