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बिहार पंचायत चुनाव: 1993 के आंकड़ों से तय होगा आरक्षण का गणित, गोपालगंज में जातियों का डाटा जल्द होगा पब्लिश

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:17 PM (IST)

फुलवरिया प्रखंड में पंचायत परिसीमन के लिए करीब 100 गांवों के जातिगत जनसंख्या आंकड़े राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर ...और पढ़ें

बिहार पंचायत चुनाव। फाइल फोटो

बिहार पंचायत चुनाव। फाइल फोटो

HighLights

  1. फुलवरिया में 100 गांवों का जातिगत डेटा अपलोड।

  2. 1993 के परिसीमन आंकड़ों को बनाया आधार।

  3. ओबीसी आरक्षण लाभ का होगा आकलन।

संवाद सूत्र, फुलवरिया (गोपालगंज)। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच फुलवरिया प्रखंड में पंचायत परिसीमन को लेकर जातिगत जनसंख्या आधारित आंकड़ों की डाटा अपलोडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।

प्रखंड के करीब 100 गांवों से संबंधित जातिगत जनसंख्या का आंकड़ा राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।

विभागीय स्तर पर सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद आम लोग भी आयोग के पोर्टल पर संबंधित आंकड़े देख सकेंगे।

पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सभी प्रखंडों के बीडीओ को गांव-गांव की जातिगत जनसंख्या से संबंधित आंकड़े चरणबद्ध तरीके से राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। 

इसी निर्देश के आलोक में फुलवरिया प्रखंड में भी करीब 100 गांवों के आंकड़ों को पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

1993 के परिसीमन के आंकड़ों को बनाया आधार

फुलवरिया के बीडीओ मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय नियमानुसार वर्ष 1993 में हुए परिसीमन के दौरान एससी, एसटी, ओबीसी समेत अन्य वर्गों की दर्ज जातिगत जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर वर्तमान पोर्टल पर डाटा अपलोड किया गया है। उपलब्ध अभिलेखों की प्रत्यक्ष प्रतियों से मिलान करने के बाद आंकड़ों को पोर्टल पर दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य यह आकलन करना है कि वर्ष 1993 में दर्ज ओबीसी वर्ग की जनसंख्या के आधार पर वर्तमान में संबंधित वर्ग को लक्षित आरक्षण का लाभ मिल रहा है या नहीं। पंचायत परिसीमन की आगे की प्रक्रिया में ये आंकड़े महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पंचायत प्रतिनिधियों और दावेदारों में बढ़ी उत्सुकता

इधर, पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच परिसीमन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रतिदिन कई पंचायत प्रतिनिधि और संभावित उम्मीदवार प्रखंड कार्यालय पहुंचकर चुनाव तथा परिसीमन से जुड़े नए अपडेट की जानकारी ले रहे हैं। लोगों की नजर अब सार्वजनिक होने वाले जातिगत आंकड़ों और परिसीमन के बाद संभावित बदलावों पर टिकी है।

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