विदेश भेजने के नाम पर 350 युवकों से करोड़ों की ठगी, गोपालगंज में चार पर केस दर्ज
गोपालगंज में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 350 युवकों से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

विदेश भेजने के नाम पर 350 युवकों से करोड़ों की ठगी, गोपालगंज में चार पर केस दर्ज
HighLights
गोपालगंज में 350 युवकों से विदेश भेजने के नाम पर ठगी।
एजेंटों ने नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये वसूले।
पुलिस ने चार आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। विदेश भेजने के नाम पर युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का मामला सामने आया है। शहर के जादोपुर रोड स्थित होटल कैलाश के समीप एक भवन में कार्यालय खोलकर बैठे एजेंटों पर करीब 350 युवकों से ठगी करने का आरोप लगाया गया है।
ठगी के शिकार युवकों में गोपालगंज व सिवान जिले के साथ उत्तर प्रदेश के भी कई युवक शामिल बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित चंद्रेश्वर राम के आवेदन पर चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी कर जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी में मो. नाशिर, मो. इमामुल व जाफर अली के साथ संबंधित भवन के मकान मालिक को भी आरोपित किया गया है। आरोप है कि विदेश भेजने और वहां नौकरी दिलाने का भरोसा देकर युवकों से रुपये लिए गए।
एजेंटों ने युवकों को अपने झांसे में लेकर उनसे पैसे वसूले। बाद में विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने मामले में कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। पीड़ितों का दावा है की आरोपितों ने करीब तीन करोड़ की राशि की ठगी की है।
कलेक्ट्रेट पहुंच एसपी को सौंपा ज्ञापन
ठगी के शिकार युवकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर एसपी विनय तिवारी को ज्ञापन सौंपा। पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों के विरुद्ध जल्द कार्रवाई करने और ठगी की गई राशि वापस दिलाने की मांग की।
युवकों का कहना है कि विदेश जाकर रोजगार करने की उम्मीद में उन्होंने एजेंटों पर भरोसा किया था। इसके लिए उन्होंने अपनी जमा-पूंजी तक लगा दी, लेकिन अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पीड़ित के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच के दौरान आरोपितों की भूमिका, कार्यालय के माध्यम से युवकों को विदेश भेजने के नाम पर की गई कथित वसूली और ठगी की कुल राशि का पता लगाया जाएगा। साथ ही, इस मामले में अन्य पीड़ितों की संलिप्तता और शिकायतों की भी पड़ताल की जा सकती है।
पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले में त्वरित कार्रवाई कर आरोपितों से उनकी राशि वापस दिलाई जाए, ताकि ठगी के शिकार युवकों को राहत मिल सके। फिलहाल, पुलिस की जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
