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सरकारी जमीन को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की सिफारिश करना पड़ा महंगा, गोपालगंज में तीन राजस्व कर्मियों पर गिरी गाज

Published: Wed, 04 Nov 2026 12:07 PM (IST)

गोपालगंज में डीएम समीर सौरभ ने सरकारी जमीन के संरक्षण और दाखिल-खारिज प्रक्रिया में अनियमितता बरतने पर तीन राजस्व कर्मियों ...और पढ़ें

गंडक नहर की जमीन को बताया रैयती, कर्मचारी पर कार्रवाई

गंडक नहर की जमीन को बताया रैयती, कर्मचारी पर कार्रवाई

HighLights

  1. तीन राजस्व कर्मियों की वेतनवृद्धि पर रोक लगाई गई।

  2. सरकारी जमीन को रैयती बताने पर हुई कार्रवाई।

  3. दाखिल-खारिज प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। सरकारी जमीन के संरक्षण में लापरवाही और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले राजस्व कर्मियों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीएम समीर सौरभ ने गंभीर अनियमितताओं के मामले में तीन राजस्व कर्मियों की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी है।

इनमें दो कर्मियों की तीन वर्ष और एक कर्मी की दो से तीन वर्ष तक वेतनवृद्धि रोकी गई है। सभी मामलों में यह कार्रवाई संचयी प्रभाव के बिना की गई है।

गंडक नहर की जमीन को बताया रैयती, कर्मचारी पर कार्रवाई

कुचायकोट के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी बब्लू कुमार पासवान पर गंडक नहर की सरकारी जमीन को रैयती भूमि बताकर दाखिल-खारिज की संस्तुति देने का आरोप है।

प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए उनकी तीन वर्ष तक वेतनवृद्धि पर रोक लगाई है। सरकारी भूमि से जुड़े मामले में इस तरह की लापरवाही को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

बिना स्वतंत्र जांच के संस्तुति देना भी पड़ा भारी

तत्कालीन प्रभारी अंचल निरीक्षक विनोद राय पर भी कार्रवाई की गई है। उन पर बिना स्वतंत्र जांच किए सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज की संस्तुति देने का मामला सामने आया था। इस लापरवाही के लिए उनकी भी तीन वर्ष तक वेतनवृद्धि पर संचयी प्रभाव के बिना रोक लगाई गई है।

18 वादों में 251 बार स्किप करने पर कार्रवाई

नगर परिषद गोपालगंज के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी मो. शाहिद हुसैन, जो वर्तमान में विजयीपुर में निलंबित हैं, के विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्रवाई की गई है।

दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में अनियमितता के लिए उनकी दो वर्ष तक वेतनवृद्धि रोकी गई है। इसके अलावा 18 वादों में 251 बार 'स्किप्ड' करने और फीफो (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) नियम का उल्लंघन करने के मामले में तीन वर्ष तक वेतनवृद्धि पर रोक लगाई गई है।

डीएम ने पारदर्शिता और जवाबदेही बरतने का दिया निर्देश

तीनों मामलों में कार्रवाई के बाद डीएम समीर सौरभ ने सभी राजस्व पदाधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ करें।

उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि का संरक्षण और दाखिल-खारिज मामलों का नियमानुसार निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है।

नियमों के उल्लंघन पर होगी अनुशासनिक कार्रवाई

डीएम ने चेतावनी दी कि राजस्व कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन गंभीर कदाचार माना जाएगा। सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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