यूपी-बिहार तटबंध विवाद का स्थायी समाधान, 60 करोड़ की लागत से बनेगा 3 KM लंबा गाइड बांध
गंडक के बढ़ते जलस्तर से यूपी-बिहार तटबंध विवाद के स्थायी समाधान के लिए गोपालगंज में 2.98 किमी लंबा नया गाइड बांध बनाने का प्रस्ताव है।

यूपी-बिहार तटबंध विवाद का स्थायी समाधान (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
गोपालगंज में 2.98 किमी लंबा नया गाइड बांध बनेगा।
परियोजना पर 50-60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
दर्जनों गांवों और संस्थानों को बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। गंडक के बढ़ते जलस्तर के साथ हर साल यूपी के तटबंध से जुड़ने वाली बिहार की चिंता अब स्थायी समाधान की ओर बढ़ रही है। यूपी में तटबंध काटकर पानी निकालने को लेकर उपजे विवाद के बाद जिला प्रशासन ने सिसवा कैनाल से अहिरौली दान-विशुनपुर तटबंध तक करीब 2.98 किलोमीटर लंबा नया गाइड बांध बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इस परियोजना पर करीब 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नया गाइड बांध बनने के बाद यूपी के तटबंध पर पानी के दबाव या वहां होने वाली किसी गतिविधि का सीधा असर बिहार के गांवों पर नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने इसे बाढ़ से सुरक्षा के साथ-साथ सीमा से सटे इलाकों में हर साल बनने वाली तनावपूर्ण स्थिति के स्थायी समाधान के रूप में देखा है।
डीएम-एसपी ने विशेषज्ञों के साथ किया मंथन
डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय तिवारी ने जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों के साथ बैठक की। इसमें गंडक के पानी के दबाव, मौजूदा तटबंध की स्थिति और बिहार की ओर आने वाले संभावित खतरे पर चर्चा की गई।
इसके बाद नए गाइड बांध के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने भी प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजने को कहा है।
गांवों के साथ बड़े संस्थानों की भी सुरक्षा
नया गाइड बांध बनने से सलेमपुर, मझौली, मलाही टोला विशुनपुर, दुर्ग मटिहनिया, फुलवरिया और सिपाया दुबे टोला समेत आसपास के दर्जनों गांवों को बाढ़ के पानी से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में स्थित सैनिक स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र भी सुरक्षित रहेंगे। प्रस्तावित पशु विज्ञान केंद्र और विश्वविद्यालय की दृष्टि से भी यह बांध महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन दिन तक सीमा पर बना रहा तनाव
28 सितंबर की रात यूपी के चैनपट्टी में तटबंध टूटने के बाद वहां के दर्जनों गांवों में पानी फैल गया था। इसके बाद पानी निकालने के लिए यूपी की ओर से तटबंध काटने की कोशिश की गई, जिसका बिहार सीमा से सटे गांवों के लोगों ने विरोध किया। 30 सितंबर को तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने और उसके धंसने की सूचना पर सिवान प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता पवन कुमार सिंह मरम्मत सामग्री लेकर पहुंचे।
तनाव की स्थिति को देखते हुए दोनों राज्यों की पुलिस को कई दिनों तक मौके पर कैंप करना पड़ा। डीएम समीर सौरभ ने बताया कि नए गाइड बांध के निर्माण से बिहार की सुरक्षा यूपी के तटबंध पर निर्भर नहीं रहेगी। प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
