बिहार में पहली बार अनोखा प्रयोग, 20 हजार से ज्यादा डिब्बा चूड़ियों से बनी मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा
गया के घुघरीटांड बाईपास स्थित पूजा पंडाल में मां दुर्गा की एक अनूठी प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे 20 हजार से अधिक डिब्बे चूड़ियों से बनाया गया है।

20 हजार से ज्यादा डिब्बा चूड़ियों से सज बनीं मां दुर्गा
HighLights
गया में चूड़ियों से बनी मां दुर्गा की अनूठी प्रतिमा।
20 हजार से अधिक डिब्बे चूड़ियों का हुआ उपयोग।
डेढ़ महीने में मूर्तिकार विक्की बिंदू ने किया तैयार।
जागरण संवाददाता, गयाजी। रंग-बिरंगी चूड़ियों की चमक और कलात्मक सजावट। घुघरीटांड बाईपास स्थित पूजा पंडाल में मां दुर्गा का अनूठा स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
यहां मां दुर्गा के साथ मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं चूड़ियों से तैयार की गई हैं। शहर के बागेश्वरी मोहल्ले में बनी इन प्रतिमाओं को शनिवार को सप्तमी पर पूजा-अर्चना के बाद दर्शन के लिए स्थापित किया गया।
डेढ़ महीने में तैयार
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हुईं प्रतिमाएं
इस अनूठी कलाकृति को तैयार करने में 20 हजार से अधिक डिब्बे चूड़ियों का इस्तेमाल हुआ है। मूर्तिकार विक्की बिंदू के अनुसार, प्रतिमाओं को आकार देने में डेढ़ महीने से अधिक समय लगा।
स्थानीय बाजार से खरीदी गईं अलग-अलग रंगों की चूड़ियों को कलात्मक ढंग से सजाकर देवी-देवताओं का स्वरूप दिया गया है। शहर में पहली बार चूड़ियों से मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करने का दावा किया गया है।
रंगीन चूड़ियों पर जब रोशनी पड़ती है तो उनकी चमक प्रतिमाओं की सुंदरता को और बढ़ा देती है। पारंपरिक आस्था के साथ कला का यह अनूठा संगम दुर्गा पूजा में आकर्षण का केंद्र बना है।
