गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुप्रतिष्ठित गंगा उद्वाह योजना को लेकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं। मंगलवार को जिले के मानपुर प्रखंड अंतर्गत अबगिला में बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का वह निरीक्षण करने पहुंचेंगे। इसके अलावा फल्गु स्थित देवघाट में बन रहे रबर डैम का भी निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। अबगिला के पास मुख्य सड़क से लेकर परियोजना स्थल की सड़क की मरम्मत की गई है। अबगिला में पाइपलाइन के जरिए गंगा जल पहुंचाने के लिए पानी को शुद्ध करने को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। वहीं, मोहड़ा प्रखंड के तेतर में रिजर्व वायर भी बनाया गया है। वहीं, फल्गु में बन रहे रबर डैम में पानी को रोका जाएगा। इससे पिडदानियों को सालभर तर्पण करने के लिए गंगा का जल उपलब्ध होगा। रबर डैम का काम भी लगातार जारी है। गया में गंगा का पानी बेगूसराय के मराची से पाइपलाइन के सहारे आना है। इसकी लंबाई करीब 149 किमी. है। कार्ययोजना के अनुसार मार्च 2022 तक गंगा का पानी शहरवासियों के घरों तक पेयजल के रूप में पहुंचाने का लक्ष्य है। इस परियोजना पर 2836 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 149 किमी. मराची से चलकर गया तक पहुंचेगी गंगा :

बरसात के दिनों में जब उत्तर बिहार में बाढ़ जैसे हालात बनते हैं और गंगा का पानी कई गुणा बढ़ जाता है तो उस अतिरिक्त पानी को पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। उसी पानी का भंडारण कर उसका शोघन किया जाएगा। पेयजल संकट वाले गया और बोधगया तक पाइपलाइन के सहारे गंगा का पानी शुद्ध करके पेयजल के रूप में लाया जाएगा। अबगिला में जल शोधन संयत्र से जुड़ा काम करीब 70 फीसद पूरा हो गया है। वाटर सप्लाई स्ट्रक्चर तक पाइपलाइन के लिए 208 करोड़ :

गया शहर में बुडको के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। बुडको के स्ट्रक्चर तक नया पाइप बनाया जाना है। इस पर 208 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। पहले साल 2030 तक को ध्यान में रखकर पेयजल की योजना बनी थी, जिसे बढ़ाकर मुख्यमंत्री ने अब साल 2050 तक तय किया है। इन रास्तों से होकर गया तक पहुंचेगा गंगा का पानी :

बेगूसराय जिले के मराची राजेंद्र सेतु गंगा तट से होते हुए गंगाजल मोकामा, सरमेरा, बरबीघा, सेखोपुरसराय, कतरीसराय, गिरियक घोड़ा कटोरा, तेतर, वजीरगंज से होते हुए मानपुर की अबगिला पहाड़ी तक पहुंचेगा।

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