संवाद सूत्र, रजौली (नवादा)। शराब के तहखानों तक पहुंचने के लिए बिहार पुलिस ने विदेशी नस्‍ल के एक दर्जन कुत्ते खरीदे थे। उन्‍हें हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया गया। लेकिन, बिहार पुलिस की इस पहल का कोई खास फायदा नहीं हो रहा। सफलता मुखबिरों की मोहताज है। रजौली में खोजी कुत्तों को शराब ढूंढने के लिए लगाया था, मगर परिणाम शून्‍य रहा। वहीं मुफस्सिल थाने की पुलिस ने लोकल इनपुट के आधार पर शराब के साथ धंधेबाजाें को दबोच लिया। मालूम हो कि नवादा का रजौली इलाका बिहार-झारखंड की सीमा पर है। तफ्तीश में अक्‍सर पाया गया है कि तस्‍कर इसी रास्‍ते शराब लेकर बिहार पहुंचते हैं। नवादा में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ा दी गई।

बताते चलें कि शराब निर्माण व परिवहन को लेकर थाने की पुलिस सख्त हो गई है। जिसके कारण बुधवार की दोपहर डॉग स्क्वायड की टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 31 सड़क मार्ग के किनारे होटलों में शराब की खोज के लिए छापेमारी अभियान चलाया गया। इसके लिए थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर दरबारी चौधरी के पुलिस अफसरों व जवानों की टीम गठित की गई थी। रजौली थाना क्षेत्र के राजमार्ग संख्या 31 के किनारे अवस्थित आधे दर्जन से अधिक होटलों में डॉग स्क्वायड दस्ते के साथ एएसआई निरंजन सिंह एवं पुलिस महिला-पुरूष बल के साथ शराब को लेकर छापेमारी की गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि आइजी कार्यालय गया से रजौली आये डॉग स्क्वायड टीम क्षेत्र में शराब जांच के लिए आई थी। टीम में लीकर डॉग स्क्वायड शेरू के साथ उसके हैंडलर अमरेंद्र कुमार एवं सहायक हैंडलर मेराज आलम के साथ राष्ट्रीय राज मार्ग के किनारे अवस्थित पियूष लाइन होटल, रामअवतार होटल, श्रीराधा नाम लाइन होटल, पवन ढाबा, विजय ढाबा, शेरे पंजाब, नरेश होटल आदि होटलों में डॉग स्क्वायड की मदद से छापेमारी की गई। करीब दो घंटे तक चली इस अभियान में डॉग स्क्वायड टीम व पुलिस खाक छानती रही। कई जगहों पर पूर्व में शराब जब्त की गई थी। उसके आधार पर डॉग स्क्वायड से जांच व पुलिस पदाधिकारियों से छापेमारी कराई गई। लेकिन, कहीं भी शराब की बरामदगी नहीं हो पाई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि आगे भी शराब धंधेबाजों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।

Edited By: Prashant Kumar