जागरण संवाददाता, औरंगाबाद : झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर एवं पिपरा पहाड़ माइंस से गिट्टी लेकर जिले में आने वाले ओवरलोड और बिना चालान के ट्रकों एवं हाइवा के द्वारा राज्य सरकार को भारी राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। वर्तमान में हर दिन गिट्टी लदे ओवरलोड करीब 100 ट्रक एवं हाइवा हरिहरगंज से जिले में परिचालन करते हैं। पूजा सिंघल प्रकरण के पहले तक करीब 200 से 250 वाहनों का परिचालन होता था। 

एक ट्रक से करीब दो से ढाई लाख रुपये राजस्व की हानि

औसतन एक ट्रक से करीब दो से ढाई लाख रुपये राजस्व की हानि पहुंचाई जाती है। इस प्रकार अगर देखा जाए तो प्रतिदिन करीब दो से ढाई करोड़ राजस्व की हानि जिला प्रशासन व राज्य सरकार को हो रही है। इसमें थाना पुलिस से लेकर जिला खनन, परिवहन विभाग के अधिकारी, क्रशर संचालक व वाहनों के मालिक और चालक तक की संलिप्तता तक बताई जाती है। हालांकि जागरण पुलिस और अधिकारियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं करता है। ग्रामीणों के अनुसार अगर थाना की पुलिस, खनन व परिवहन विभाग के अधिकारी सख्ती से कार्रवाई करें, नियमित जांच करें तो शायद ओवरलोड और बिना चालान के एक भी वाहन जिले में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। अगर करते हैं और जांच में पकड़े जाते हैं तो राजस्व की प्राप्ति होगी। ग्रामीणों के अनुसार छतरपुर की तरफ से आने वाले गिट्टी लदे वाहनों की नियमित जांच नहीं होती है। 

24 मई को पकड़े गए वाहनों से करीब दस लाख की वसूली

24 मई को कुटुंबा थाना पुलिस ने महाराजगंज के पास से ओवरलोड गिट्टी लदे छह ट्रकों व हाइवा को पकड़ा था। पकड़े जाने के बाद करीब दस लाख जुर्माना की वसूली की गई थी। पुलिस सड़क पर वाहनों की जांच शुरू की थी तब कई गिट्टी लदे वाहन जांच के दौरान जहां-तहां रुक गए थे। पुलिस के सड़क से हटने के बाद सभी अपने गंतव्य जगह के लिए तेज रफ्तार में निकले थे।

गिरफ्तार चालकों ने राजस्व की हानि पहुंचाने का खोला राज

एएसपी अभियान मुकेश कुमार के द्वारा अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा के पास से गुरुवार को बिना चालान के ओवरलोड गिट्टी लदे तीन ट्रकों को जब जब्त किया और तीनों चालकों को गिरफ्तार किया गया तो सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाने का राज खुला। गिरफ्तार पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के सरसोत गांव निवासी चालक अनूप विश्वकर्मा, सुलतानी के मिथिलेश गुप्ता एवं बलरा गांव निवासी उमेश यादव को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। मामले में जब्त वाहनों के मालिकों एवं जाली चालान निर्गत करने वाले क्रशर मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। चालकों ने एएसपी अभियान को बताया कि एक चालान पर वे गिट्टी लदे वाहनों को तीन से चार बार परिचालन करते हैं।

वाहन मालिकों के द्वारा क्रशर से ले लिया जाता है चालान 

यहां एक और खेला किया जाता है। जब बिना चालान के गिट्टी लदे वाहन पकड़े जाते हैं तो वाहन मालिकों के द्वारा क्रशर से चालान लेकर जिला खनन और परिवहन कार्यालय पहुंचते हैं और बोलते हैं कि चालान रहते उनकी गाड़ी पकड़ ली गई है। जब इस मामले में जिला खनन पदाधिकारी विकास कुमार पासवान से संपर्क करने का प्रयास किया तो वे काल रिसीव नहीं कर सके। प्रभारी जिला परिवहन पदाधिकारी बालमुकुंद प्रसाद ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। ओवरलोड वाहनों को हर हाल में जब्त किया जाएगा। जब्त करेंगे तभी तो राजस्व की प्राप्ति होगी।

Edited By: Prashant Kumar Pandey