ब्लैकबोर्ड नहीं मिला तो लोहे के गेट पर पढ़ाने का वीडियो वायरल, गया के स्कूल में शिक्षिका के दावे पर उठे सवाल
गया के चकजलपा मध्य विद्यालय में एक शिक्षिका द्वारा ब्लैकबोर्ड की जगह लोहे के गेट पर बच्चों को पढ़ाने का वीडियो वायरल हुआ है।

लोहे के गेट पर पढ़ाने का वीडियो वायरल
HighLights
शिक्षिका ने ब्लैकबोर्ड की कमी के कारण गेट पर पढ़ाया।
अन्य शिक्षकों ने इसे साजिश बताया, शिक्षा विभाग जांच कर रहा है।
वायरल वीडियो के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मची।
संवाद सूत्र, गुरुआ (गया)। प्रखंड क्षेत्र के पकरी पंचायत स्थित चकजलपा मध्य विद्यालय में एक शिक्षिका द्वारा ब्लैकबोर्ड की जगह लोहे के दरवाजे पर बच्चों को पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। वायरल वीडियो को लेकर विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के बीच भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
विद्यालय की शिक्षिका सरिता कुमारी का कहना है कि स्कूल में ब्लैकबोर्ड की समस्या के कारण वह पिछले एक वर्ष से लोहे के गेट पर ही बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग को कई बार मौखिक रूप से सूचना दी गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसी दौरान लोहे के गेट पर पढ़ाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
छह शिक्षकों ने बताया साजिश
वहीं विद्यालय के अन्य छह शिक्षकों ने शिक्षिका के आरोप को साजिश बताया है। उनका कहना है कि जब से वे विद्यालय में पदस्थापित हैं। तब से मैनुअल ब्लैकबोर्ड पर ही पढ़ाई कराते आ रहे हैं। उन्होंने कभी लोहे के दरवाजे पर बच्चों को पढ़ाते हुए नहीं देखा है।
शिक्षकों ने दावा किया कि वायरल तस्वीर पांच सितंबर की है और उस दिन बच्चे पढ़ाई नहीं कर रहे थे। उनका कहना है कि यदि उस समय कक्षा संचालित हो रही होती तो तस्वीर में बच्चे भी दिखाई देते।
तीनों कमरो में ब्लैकबोर्ड
विद्यालय में तीन कमरे हैं। तीनों में ब्लैकबोर्ड है। जबकि कुल आठ शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें एक शिक्षक छुट्टी पर हैं। विद्यालय में कुल 170 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। बुधवार को 114 बच्चे उपस्थित पाए गए। तीन कमरों में ही विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
इधर बुधवार को विद्यालय में मध्याह्न भोजन के तहत बच्चों को चावल चना और आलू की सब्जी करीब दोपहर में उपलब्ध कराई गई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. जयशंकर कुमार ने बताया कि मामले की जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला साजिश के तहत किए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट जिला कार्यक्रम पदाधिकारी डीपीओ गया के कार्यालय को भेज दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्य विद्यालय को उत्क्रमित विद्यालय में बदलाव किया गया है।
