धनंजय पाठक, सासाराम : रोहतास। चुनार से सासाराम तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण पर पूरी तरह से विराम लग गया है। प्रस्तावित नई रेल लाइन का सर्वे कार्य गत वर्ष पूरा हो गया, जिसमें वित्तीय उपलब्धता व परिचालन की दृष्टिकोण से उचित नहीं पाया गया है। इसका खुलासा आरटीआइ कार्यकर्ता व पुलिस पब्लिक हेल्पलाइन के सदस्य श्याम सुंदर पासवान द्वारा मांगी सूचना से हुआ है। जिसमें रेलवे बोर्ड के सीपीआइओ अभिषेक जागावत ने कहा है कि 98 किलोमीटर लंबी चुनार-कुदरा वाया चकिया सासाराम-कोलकता लिंक लाइन का सर्वे कार्य गत वर्ष 2021 में पूरा कर लिया गया है।

सर्वे रिपोर्ट में प्रस्तावित नई रेल लाइन को वित्तीय उपलब्धता व परिचालन की दृष्टिकोण से उचित नहीं पाया गया, जिस कारण नई रेल लाइन निर्माण से संबंधित कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। चकिया-चुनार वाया कुदरा सासाराम रेल लाइन जिले का यह दूसरी रेल परियोजना है जिसे केंद्र सरकार ने बीच में ही बंद कर दिया। इसके पूर्व सरकार ने यूपीए एक की सरकार में प्रस्तावित आरा-मुंडेश्वरी वाया भभुआ रोड नई रेल लाइन को अनुपयोगी करार दे आगे का कार्य बंद रखने की बात कही गई थी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए एक की सरकार ने लोकसभा चुनाव से पूर्व अंतरिम बजट में 124 किलोमीटर लंबी चुनार- सासाराम नई रेल लाइन को मंजूरी देते हुए सर्वे के लिए 15 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की थी। सर्वे का कार्य वित्तीय वर्ष 2018-19 से जारी था। सर्वे कार्य का जिम्मा उत्तर-मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल को दिया गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि सर्वे कार्य तत्काल पूरा करा रेल लाइन निर्माण की दिशा में सरकार अगला कदम उठाएगी। 

पुलिस पब्लिक हेल्पलाइन के सदस्यों की मानें तो स्वीकृत नई रेल लाइन को ले पिछले कई वर्षों से प्रयास किया जाता रहा है। इसे ले रेल मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारियों को प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए कई बार आवेदन भी दिया गया था। हर बजट में लोगों को उम्मीद रहती थी कि सरकार इसे ले आम बजट में सरकार कोई नई घोषणा करेगी, परंतु सर्वे रिपोर्ट से यहां के लोगों को मायूसी हाथ लगी है। 

नई रेल लाइन के बन जाने से सासाराम संसदीय क्षेत्र के चेनारी, सासाराम, भभुआ व चैनपुर विधान सभा क्षेत्र के लोगों को चुनार होते हुए इलाहाबाद जाने में कम दूरी तय करनी पड़ती तथा इन क्षेत्रों का विकास भी होता। अब इस योजना पर ग्रहण लगने से लोगों में मायूसी है।

Edited By: Prashant Kumar Pandey