संवाद सहयोगी, डेहरी आन सोन (रोहतास): दुर्गम रास्ते एवं कठिन परिस्थितियां हमें मंजिल पाने से नहीं रोक सकती। यदि हमारा निश्चय और संकल्प दृढ़ हो। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिक आज दुनिया को अपने ज्ञान से लोहा मनवाने में सफल है।अधिकांश क्षेत्र में भारतीयों के नेतृत्व में ही यह विधा विकास कर रहा है । नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में शनिवार को 'फ्यूचर जेनरेशन ऑन कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन' विषय पर आयोजित दो दिवसीय दूसरे राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि आई आई बी एम ग्रुप के सलाहकार एवं कंप्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर ए के नायक ने शनिवार को कही ।

सूचना प्रौद्योगिकी के छात्रों का आह्वान

उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी के छात्रों का आह्वान किया कि आने वाले समय में आप सूचना क्रांति के वाहक हैं ।आपके द्वारा किए जाने वाले शोध पर ही देश और दुनिया की निगाहें टिकी हैं। उन्होंने कठिन परिश्रम और लगन से सूचना प्रौद्योगिकी के इस विधा को अपने कंधों पर लेकर आगे बढ़े तथा देश और दुनिया को राह दिखाएं। कार्यक्रम को इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय कल्याणी ,पश्चिम बंगाल के डीन डॉ जे के मंडल, बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मेसरा के कंप्यूटर विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ संदीप दत्ता आदि ने ऑनलाइन माध्यम से छात्रों को संबोधित किया। 

आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने का आश्वासन 

इस अवसर पर कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को इस प्रकार के आयोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया ।उन्होंने हर संभव आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को कुलपति प्रोफ़ेसर महेंद्र कुमार सिंह ,प्रति कुलपति प्रोफ़ेसर जगदीश सिंह, संस्थान के सचिव गोविंद नारायण सिंह, आगत वक्ता प्रो रजत ने भी संबोधित किया ।

कई लोग हुए शामिल

कार्य्रक्रम के आरंभ में संकाय की डीन ने आगत अतिथियों का स्वागत किया एवं उनके प्रति आभार व्यक्त की। उद्घाटन सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के शिक्षक गण के अलावे विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, कुलसचिव डॉक्टर राधेश्याम जयसवाल, परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर कुमार आलोक प्रताप, उप कुलसचिव मिथिलेश कुमार सिंह, संगीता सिंह, मोनिका सिंह आदि उपस्थित थे।

Edited By: Prashant Kumar pandey

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