गया : जिला भूकंप की ²ष्टि से जोन तीन के अंतर्गत आता है। भूकंप एक आकस्मिक रूप से घटित होने वाली प्राकृतिक आपदा है। जिसमें व्यापक स्तर पर संरचनात्मक, पर्यावरण व जानमाल की क्षति होती है। भूकंप से निपटने के प्रमुख उपायों में भूकंप रोधी भवन, अर्थक्वेक रिस्पांस, भूकंप के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के प्रति प्रशिक्षित होना व जागरूकता है। 15 जनवरी 1934 को नेपाल-बिहार में अत्यंत तीव्रता वाला भूकंप आया था। जिसमें काफी जानमाल का नुकसान हुआ था।

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ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम होगी आयोजित

भूकंप से सुरक्षा के ²ष्टिकोण से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में भूकंप सुरक्षा सप्ताह 15 से 21 जनवरी 2022 तक मनाया जाएगा। इस दौरान बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पटना के सहयोग से जिला के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, अभियंताओं, शिक्षकों, भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं, राजमिस्त्रियों, युवा स्वयंसेवकों व अन्य हितभागियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले के विद्यार्थियों को भूकंप सुरक्षा के प्रति जागरुक करने के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित किया जाएगा।

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आमजन को भूकंप सुरक्षा को लेकर पंपलेट का वितरित

भूकंप सुरक्षा के प्रति आमजन को संवेदनशील व सजग बनाने के लिए अंचल अधिकारी एवं सामुदायिक स्वयं सेवक के माध्यम से भूकंप सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित किए जाएंगे। जिले तथा अनुमंडल एवं प्रखंडों के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स भी स्थापित की जाएगी। मुख्य भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाले सामग्रियों के दुकानों पर भूकंपरोधी घर बनाने की विधि से जुड़े बैनर लगाएं जाएंगे। इस सप्ताह भूकंप सुरक्षा से संबंधित जानकारियों से सुसज्जित भूकंप सुरक्षा रथ के माध्यम से भी संवेदीकरण एवं जागरूकता का प्रसार किया जाएगा। एसे ही दो भूकंप सुरक्षा रथों को अपर समाहर्ता के द्वारा सभी अंचलों को रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा शाखा व आपदा प्रबंधन सलाहकार भी उपस्थित थे।

Edited By: Jagran