गया । मोक्ष भूमि गयाधाम के फल्गु नदी स्थित देवघाट पर गुरुवार को पितृ दीपावली पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बारिश के बीच पिंडदानियों ने पूर्वजों को याद कर उनके नाम के घी के दीप जलाए। उन दीपकों को देवघाट पर आकर्षक तरीके से सजाने की कोशिश की गई, लेकिन बारिश बराबर बाधक बन रही थी।

शाम ढलते ही तीर्थयात्री घी का दीपक लेकर देवघाट पहुंचने लगे। यहां पहले रंगोली बनाया गया है। रंगोली के आसपास दीपों को रखकर सजाया गया। प्रत्येक तीर्थयात्री अपने साथ काफी संख्या में दीपक लेकर आए थे। एक साथ काफी संख्या में दीप जलने से पूरा देवघाट रोशनी से जगमग हो उठा। पितृ दिवाली में सबसे अधिक संख्या 15 एवं 17 दिनों के कर्मकांड करने वाले पिंडदानियों की देखी गई।

मान्यता है कि पितरों के प्रसन्न करने के लिए पितृ दीवाली मनाते हैं। पितृ दीवाली को लेकर देवघाट के साथ विष्णुपद मंदिर को रंगीन बल्बों से सजाया गया है। साथ ही मंदिर के गर्भगृह स्थित विष्णु चरणचिह्न को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है।

Posted By: Jagran

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