अधौरा (कैमूर), संवाद सूत्र। कैमूर जिले के पहाड़ी प्रखंड अधौरा में वैसे तो समस्याओं की लंबी लिस्ट है, लेकिन इस डिजिटल युग में अधौरा के लोग आज भी नेटवर्क की समस्या का दंश झेलने को मजबूर हैं । यह आश्चर्य की बात है। चाहे अपनों से बात करनी हो या कार्यालयों से मैसेज भेजना हो नेटवर्क की समस्या हर जगह है। प्रखंड में कुल 108 राजस्व गांव हैं। इसमें से पांच गांवों अधौरा, झड़पा, डुमरांवा, लोहरा व श्रवणदाग में बीएसएनएल के टावर लगाए गए हैं। इससे लगभग पच्चीस से तीस गांव लाभान्वित होते हैं। शेष गांवों के लोगों को सीमावर्ती राज्यों यथा यूपी या झारखंड में लगाए गए टावर से नेटवर्क की तलाश के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। तब कहीं नेटवर्क का सिग्नल मिल पाता है वो भी पूरी तरह नहीं। मोबाइल फोन घर में और नेटवर्क की तलाश के लिए ऊंची पहाडिय़ों पर चढ़ कर बातें की जाती हैं।

मंत्री भूल गए वादा

स्‍थानीय विधायक सह बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमां खां ने अधौरा के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा था कि तीन महीने के अंदर यहां जियो और अन्य कंपनियों के मोबाइल टावर हर हाल में लग जाएंगे। फिर नेटवर्क की समस्या से निजात मिल जाएगी। लेकिन आठ महीने बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। सबसे बुरा हाल तो प्रखंड मुख्यालय अधौरा का है। प्रखंड के सभी सरकारी कार्यालयों में मैसेज भेजना होता है, लेकिन नेटवर्क की समस्या से मैसेज ससमय भेंजे नहीं जाते। फलस्वरूप कार्यों में विलंब होता रहता है। आमजनों को फजीहत झेलनी पड़ती है।

क्या कहते हैं लोग   

बीडी यादव, सीएसपी संचालक: नेटवर्क खराब होने की वजह से अक्सर ङ्क्षलक ठीक ढंग से काम नहीं करता और स्लो चलता है। नेटपैक के रुपये बेकार चले जाते हैं। ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

संजय कुमार, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष: नेटवर्क की समस्या की वजह से सभी परेशान हैं। चाहे बैंक हो, विद्यालय हो या अन्य सरकारी कार्यालय। किसी से बात भी करनी है तो उसके लिए काफी देर केवल नेटवर्क का इंतजार करने में लग जाता है।

शकील अहमद, जेडीयू कार्यकर्ता: नेटवर्क की समस्या से सभी परेशान हैं। स्थानीय विधायक सह मंत्री के प्रयास से नेटवर्क की समस्या का समाधान शीघ्र ही होने की संभावना प्रबल है। बीएसएनएल के केबल बिछाने का कार्य जोरों से चल रहा है। केबल बिछ जाने के बाद समस्या का समाधान हो सकता है।

मेराज आलम, मोबाइल दुकानदार: नेटवर्क की समस्या से रिचार्ज के रुपये बेकार चले जाते हैं। अधौरा प्रखंड में इस समस्या का समाधान बहुत जरूरी है। इससे सभी लोगों का कार्य प्रभावित होता है। आज की दौड़ भाग वाली ङ्क्षजदगी में अधौरा के लोग नेटवर्क की समस्या झेल रहे हैं।

 

Edited By: Sumita Jaiswal