जागरण संवाददाता, गया : भाजपा जिला इकाई के बैनर तले जनादेश के साथ विश्वासघात को लेकर गांधी मैदान गेट नंबर 5 के नजदीक जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा की अध्यक्षता में धरना दिया गया। शनिवार को प्रखंड मुख्यालय में धरना का कार्यक्रम तय की गई है। इसके लिए प्रभारी भी मनोनीत किया गया है। पूर्व मंत्री सह नगर विधायक डा. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार में एक बार फिर जंगलराज का आगाज हुआ है। नीतीश कुमार को कम सीट जीतने के बावजूद बिहार का मुख्यमंत्री बनाए थे, भाजपा ने एक बार नहीं बल्कि छह बार मुख्यमंत्री बनाने का काम किया गया है। 

नीतीश कुमार के मन में छल कपट हमेशा बना रहा। 2010 में एनडीए को अपार सफलता बिहार की जनता ने दिया और जब प्रधानमंत्री के रुप में नरेंद्र भाई मोदी की चर्चा होने लगी तो तब नीतीश कुमार को पेट में दर्द होना शुरू हुआ। 2013 में नरेंद्र भाई मोदी को पटना में भोज का निमंत्रण देकर वापस ले लिया। भाजपा का साथ छोड़कर राजद और कांग्रेस के साथ सरकार बनायी, 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र भाई मोदी के खिलाफ 40 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा जिसमें लोकसभा की दो सीट जीत सके। 32 सीटों पर जमानत तक नहीं बचा पाए। 

2015 के चुनाव में महागठबंधन बनाकर पुनः जनता को बरगलाने में कामयाब हुए. 2017 में महागठबंधन को छोड़ते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों के साथ सरकार चलाना बहुत ही मुश्किल है और पुनः भाजपा के साथ सरकार बना लिया। उस वक्त भी बिहार में क्राइम का ग्राफ काफी बढ़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी अतिपिछड़ा का बेटा कैसे होगा। यह बात नहीं पच रहा है। 

प्रदेश कार्यसमिति सदस्य क्षितिज मोहन सिंह ने कहा कि भाजपा नीति और सिद्धांत पर चलती है। मुख्यमंत्री नीतीश को मालूम है कि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार में आरोपित है, वह जेल अवश्य जाएगा। क्या यही नीतीश कुमार की नैतिकता है.? क्या यह जनादेश का अपमान नहीं है? अगर हिम्मत है तो जदयू अकेले चुनाव लड़ कर दिखाए। भाजपा नेताओं ने यह चुनौती दी है। 

मौके पर वजीरगंज विधायक विरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरी मांझी, पूर्व विधायक श्याम देव पासवान, जिला प्रभारी कृष्ण मोहन शर्मा, विजय कुमार मांझी, जेड खान, डा अनुज कुमार, प्रशांत कुमार, अभिषेक कुमार, वंदना कुमारी, अनिल कुमार सिंह, विजय कुमार, धर्मेन्द्र यादव, युगेश कुमार, महेश शर्मा, कुमार सत्यशील, रंजीत कुमार सिंह, मुन्ना सिंह, राजदेव पंडित एवं संचालन गोपाल यादव ने संबोधित किया।

Edited By: Prashant Kumar Pandey