गयाजी में नीतीश कुमार ने किया ‘20 साल बेमिसाल’ प्रदर्शनी का उद्घाटन, दिख रही बिहार के बदलाव की कहानी
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गयाजी के केदारनाथ मार्केट में '20 साल बेमिसाल: दो दशकों का उपहार, विकसित और समृद्ध बिहार' प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

गयाजी में प्रदर्शनी का शुभारंभ करते पूर्व सीएम नीतीश कुमार। जागरण
HighLights
नीतीश कुमार ने गयाजी में '20 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
प्रदर्शनी में बिहार के दो दशकों के विकास कार्यों की झलक।
सात निश्चय, सुशासन, सामाजिक सुधार और रोजगार पर जोर।
जागरण संवाददाता, गयाजी। बिहार में दो दशकों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक बदलावों की झलक अब गयाजी के केदारनाथ मार्केट में लगी प्रदर्शनी में देखने को मिल रही है।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को दीप प्रज्वलित कर ‘20 साल बेमिसाल : दो दशकों का उपहार, विकसित और समृद्ध बिहार’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
17 से 20 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान लागू की गई योजनाओं, सुशासन, सामाजिक सुधार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों को प्रदर्शित किया गया है।
इसके माध्यम से लोगों को बिहार में हुए विकास कार्यों और भविष्य के लक्ष्यों से अवगत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नीतीश कुमार पटना से सड़क मार्ग से गयाजी पहुंचे। उनके साथ विधान परिषद सदस्य ललन सर्राफ और जदयू नेता संजय गांधी भी थे।
सात निश्चय से सामाजिक सुधार तक की झलक
प्रदर्शनी में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के विभिन्न चरणों में घोषित सात निश्चय कार्यक्रमों को प्रमुखता से जगह दी गई है।
इनमें युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं का सशक्तीकरण, हर घर बिजली, नल का जल, पक्की गली-नाली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर संपर्कता जैसे विषय शामिल हैं।
सात निश्चय-3 के तहत दोगुना रोजगार-दोगुनी आय, उद्योगों के विकास और कृषि क्षेत्र में प्रगति जैसे लक्ष्यों को भी प्रदर्शित किया गया है।
कानून का राज, सुशासन, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवाओं का अधिकार और सूचना का अधिकार जैसे विषयों के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों को दर्शाया गया है।
शराबबंदी, दहेज प्रथा उन्मूलन, बाल विवाह पर रोक, कन्या सुरक्षा और जल-जीवन-हरियाली अभियान को सामाजिक सुधार से जुड़े प्रमुख कदमों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
जाति आधारित गणना और रोजगार पर भी जोर
प्रदर्शनी में जाति आधारित गणना, आरक्षण का दायरा बढ़ाने और अत्यंत गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश और केंद्र सरकार की ओर से बिहार को मिली विकास परियोजनाओं का उल्लेख है।
प्रदर्शनी में महात्मा गांधी, डा. राममनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर की समाजवादी विचारधारा के साथ सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास के संदेश को भी जगह दी गई है।
जदयू की ओर से इस प्रदर्शनी को पिछले दो दशकों के कार्यों और भविष्य के विकास लक्ष्यों को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बताया गया है। प्रदर्शनी 20 अक्टूबर तक चलेगी।
शहर पहुंचने पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उद्घाटन कार्यक्रम में बेलागंज विधायक चंदन कुमार सिंह, मनोरमा देवी, पूर्व विधान परिषद सदस्य कुमुद वर्मा, अनुज सिंह, जिला जदयू अध्यक्ष इंजीनियर अजय कुशवाहा, महानगर अध्यक्ष राजू बरनवाल, अवध बिहारी पटेल, सतीश पटेल आदि थे।
