भभुआ, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री के स्तर से वर्ष 2018 में टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार देने के लिए चलाई गई निष्क्ष्य पोषण योजना रोगियों के स्वस्थ होने में कारगर साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक रोगी को प्रतिमाह पांच सौ रूपए उनके खाते के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। चिकित्सकीय सुझाव के अनुसार सामान्यत: टीबी रोगी छह से नौ माह में नियमित निश्शुल्क मिलने वाली दवा के सेवन से ठीक हो जाते हैं। दवा का नियमित सेवन करने पर रोग गंभीर होने पर विशेष रूप से दवा का सेवन करना पड़ता है।

किस वर्ष में कितने रोगियों को दी गई राशि

जिला यक्ष्मा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में कुल 1224 टीबी रोगी चिह्नित किए गए। इसमें से 864 रोगियों द्वारा आधार कार्ड की कापी व पासबुक नंबर उपलब्ध कराने पर उनके खाता में निर्धारित राशि डाल दी गई है। वहीं वर्ष 2019 में 1880 टीबी रोगी चिह्नित किए गए। इसमें से 1314 रोगियों द्वारा खाता नंबर व आधार कार्ड की छाया प्रति उपलब्ध कराने पर उनके खाते में पोषण योजना की राशि भेज दी गई थी। इसी प्रकार वर्ष 2020 में 1647 चिह्नित दवा का उपयोग करने वाले रोगियों में से 1270 के द्वारा निर्धारित अभिलेख उपलब्ध कराने पर उनके खाते में योजना की राशि डाली जा चुकी है। वर्ष 2021 में मई माह तक 604 चिह्नित रोगियों में से 410 रोगियों के खाते में निष्क्ष्य पोषण योजना की राशि डाली जा चुकी है।

क्या कहते है अधिकारी

इस संबंध में प्रभारी जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ अशोक सिंह ने बताया कि पोषण योजना की राशि से वंचित रोगियों से उनके पासबुक का नंबर मंगाकर उनके खाते में राशि डालने की प्रक्रिया चल रही है। टीबी रोगियों की तत्काल जांच के लिए ट्रूनेट मशीन के लग जाने से से चिह्नित रोगियों से दवा लेने आने के क्रम में ही उनके पासबुक का नंबर व आधार कार्ड की छाया प्रति मांगने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे दवा के साथ-साथ उन्हें पोषण योजना की राशि भी मुहैया हो सके।

 

Edited By: Sumita Jaiswal