पटना, आनलाइन टीम। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के समय का वह गाना याद है आपको? नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) का 'बिहार में का बा' (Bihar Me Ka Ba) व्यंग्य गीत? इसपर बिहार में कंट्रोवर्सी हुई थी। बिहार में क्‍या है, इसपर जवाबी गाने भी बने थे। एक बार फिर नेहा सिंह राठौर ने यूपी चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले 'यूपी में का बा' (UP Me Ka ba) व्यंग्य गीत में वहां के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditya Nath) को निशाने पर लेते हुए अंत में यह भी कह दिया कि 'जिंदगी झंड बा, फिर भी घमंड बा!' यह गीत सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

यूपी की चर्चित घटनाओं की चर्चा करते हुए को तंज

गीत की शुरुआत सीधे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को निशाने पर लेते हुए कुछ यूं होती है- बाबा के दरबार बा, खत्तम रोजगार बा... हाथरस के निर्णय जोहत लइकी के परिवार बा। आगे नेहा कहती हैं 'कोरोना से लाखन मर गइलन, लाशन से गंगा भर गइलें, टिकठी और कफन नोचत कुकुर और बिलाड़ बा।' फिर कहती हैं, 'मंत्री के बेटवा बड़ी रंगदार बा, किसानन के छाती पर रौगत मोटर कार बा, एक चौकीदार, बोलो के जिम्मेदार बा।' नेहा यह भी कहती हैं कि राम राज के झांकी बा, काशी-मथुरा बाकी बा।' व्‍यंग्‍य गीत का अंत उन्‍होंने 'जिंदगी झंडबा, फिर भी घमंड बा!' से किया है। गीत में हाल के दिनों में यूपी की कुछ चर्चित घटनाओं की चर्चा करते हुए वहां की स्थिति पर जमकर तंज कसे गए हैं।

बिहार की निवासी हैं नेहा, यूपी से किया स्‍नातक

नेहा सिंह राठौर बिहार के कैमूर जिले की निवासी हैं। उनकी शिक्षा यूपी से हुई है। साल 2018 में कानपुर से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद वे संगीत के क्षेत्र में आ गईं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उनका 'बिहार में का बा' गाना सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। उसी के तर्ज पर अब उन्‍होंने 'यूपी में का बा' गाया है।

Edited By: Amit Alok