गया/बाराचट्टी/डोभी, जेएनएन। नक्सल प्रभावित गया जिले में पिछले कुछ महीने से शांत बैठे नक्सलियों ने शनिवार की रात बाराचट्टी में एक आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में एक दर्जन की संख्या में धावा बोल एक बार फिर अपनी धमक दर्ज करा दी। माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो ग्रामीणों की हत्या कर दी। लौटने के क्रम में सीआरपीएफ और कोबरा की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई जिसमें झारखंड का 10 लाख रुपये का ईनामी नक्सली सब जोनल कमांडर आलोक यादव उर्फ गुलशन उर्फ रवि मार गिराया गया। गंभीर रूप से घायल दो नक्सली कोबरा के हाथ लगे, परंतु इलाज के लिए पटना ले जाते वक्त एक की मौत हो गई। दस्ते में रहे शेष नक्सली फरार हो गए। गोलीबारी में कोबरा के चार जवान और ग्रामीण समेत सात लोग घायल हो गए हैं। जंगल में नक्सलियों की तलाश में सर्च अभियान चल रहा है। 

घटनास्थल से आधुनिक हथियार इंसास राइफल व एके-56 रायफल, कारतूस व बम बरामद हुए हैं। मारा गया नक्सली कमांडर झारखंड के चतरा जिले के सिकिद गांव का रहने वाला था। घटना गया जिले के बाराचट्टी थाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित महुअरी गांव में शनिवार की देर रात करीब डेढ़ बजे चल रहे आर्केस्टा के दौरान घटी। नक्सलियों ने अचानक हमला कर दिया। अंधाधुंध फायरिंग कर ग्रामीण बीरेंद्र यादव व जयराम यादव की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद लौटने के क्रम में कोबरा बटालियन ने नक्सलियों की घेराबंदी कर दी। दोनों ओर से 40 मिनट तक सैकड़ों राउंड गोलीबारी हुई। इसमें सब जोनल कमांडर मारा गया। गोलीबारी में कोबरा के चार जवान और तीन ग्रामीण घायल हो गए। घायल जवानों व एक ग्रामीण का इलाज अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल एवं दो ग्रामीण का स्थानीय स्तर पर चल रहा है। 

दो ग्रामीण थे नक्सलियों का टारगेट

गया के वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि बाराचट्टी थाना क्षेत्र के महुअरी गांव में ग्रामीण बीरेंंद्र यादव व जयराम की हत्या करने के लिए 10 से 12 की संख्या में नक्सली आए थे। दस्ते में बिहार-झारखंड का आतंक आलोक यादव उर्फ गुलशन उर्फ रवि भी था। आर्केस्ट्रा के दौरान ही नक्सली दस्ते ने दोनों ग्रामीणों की पकड़कर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर कोबरा के जवान मोर्चा लेने निकल पड़े और नक्सलियों के लौटने के दौरान उनकी घेराबंदी कर ली। कोबरा से मुठभेड़ में दोनों ओर से कई राउंड गोलीबारी हुई। इसमें सब जोनल कमांडर आलोक मारा गया। उसका शव बरामद कर लिया गया। वहीं जिंदा हाथ लगे घायल नक्सली विकास टाइगर की मौत इलाज के लिए पटना ले जाने के क्रम में हो गई। एक और नक्सली का इलाज पटना में कराया जा रहा है। शेष नक्सली अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

मिले आधुनिक हथियार

एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में नक्सलियों के पास कई आधुनिक हथियार बरामद किया गया है। इसमें एक-एक इंसास व एके-56 मिला है। साथ ही 200 जिंदा कारतूस, बाकी टॉकी, मोबाइल, बैट्री, पीठू बैग, नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट मोती लाल ने बताया कि मुठभेड़ में जवानों को छर्रेलगे हैं। जिन जवानों को मामूली चोट लगी थी। इलाज के उपरांत उन्हें रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एक ग्रामीण को पटना रेफर कर दिया गया है। वहीं दो अन्य ग्रामीण का पीएचसी में इलाज कराया गया। एसएसपी ने बताया कि नक्सली और दो ग्रामीणों के शव को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज लाया गया है। पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम के आदेश पर मेडिकल बोर्ड गठित की गई है।

2005 में बीरेंद्र के घर को जला दिया गया 

 2005 में गदरपुर स्थित वीरेंद्र यादव के घर को नक्सली संगठनों ने आग के हवाले किया था, तब से ये लोग घर छोड़कर के बाराचट्टी में रह रहे थे, 2009 में वीरेंद्र यादव के बड़े भाई शंभू यादव की हत्या माओवादी संगठन सासाराम में कर दी थी। उस वक्त से वीरेंद्र भी माओवादियों के निशाने पर चल रहा था। उसे कई बार नक्सली संगठन के द्वारा धमकी भी मिली थी। 

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