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महाबोधि मंदिर में बरसी आस्था: दानपात्र से निकले ₹20000000, गयाजी में विदेशी भक्तों ने भी खोला दिल

Published: Fri, 03 Jul 2026 02:42 PM (IST)

महाबोधि मंदिर के दान पात्रों की छह दिवसीय गणना में लगभग दो करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ, जिसमें डेढ़ ...और पढ़ें

महाबोधि मंदिर को दान में मिले लगभग दो करोड़ रुपये, विदेशी श्रद्धालुओं का भी योगदान

महाबोधि मंदिर को दान में मिले लगभग दो करोड़ रुपये, विदेशी श्रद्धालुओं का भी योगदान

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संवाद सूत्र, बोधगया। विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एक बार फिर दान के रूप में देखने को मिली। मंदिर के दान पात्रों में प्राप्त राशि की छह दिनों तक चली गिनती गुरुवार को पूरी हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस बार मंदिर को करीब दो करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ है, जिसमें लगभग 1.50 करोड़ रुपये भारतीय मुद्रा और करीब 50 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा शामिल है।

दान राशि की गणना पारदर्शिता के साथ नजारथ उप समाहर्ता, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) के सचिव, समिति के सदस्यों और मंदिर के पुजारियों की मौजूदगी में की गई।

6 दिनों तक चली गिनती

दान की गिनती का कार्य लगातार छह दिनों तक चला। इसके बाद पूरी राशि को भारतीय स्टेट बैंक, बोधगया शाखा में बीटीएमसी के अधिकृत खाते में जमा करा दिया गया।

विदेशी भक्तों ने खोला दिल

सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष भी बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालुओं ने उदारतापूर्वक दान दिया। विशेष रूप से म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम सहित कई बौद्ध देशों के श्रद्धालुओं की ओर से विदेशी मुद्रा में उल्लेखनीय योगदान प्राप्त हुआ।

मंदिर को कई अन्य देशों की मुद्राएं भी दान स्वरूप मिली हैं, जिन्हें नियमानुसार बैंकिंग प्रक्रिया के तहत जमा कराया जाएगा।

बीटीएमसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दान में प्राप्त राशि का उपयोग महाबोधि मंदिर परिसर के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत, पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा अन्य दैनिक प्रशासनिक एवं विकास कार्यों पर किया जाएगा।

यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था निरंतर बढ़ रही है। बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी से संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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