Karwa Chauth 2026: दिल्ली-हरियाणा से मंगाई गई चांद की फोटो, बिहार में मोबाइल पर तस्वीर देख खोला व्रत
बिहार के गयाजी में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा।

गयाजी में करवाचौथ मनाती महिलाएं। (जागरण)
HighLights
सुहागिनों ने पति की लंबी आयु के लिए रखा व्रत।
बादलों के कारण गया में चांद नहीं दिखा।
पति का चेहरा देखकर या फोटो से तोड़ा व्रत।
जागरण संवाददाता, गयाजी। Karwa Chauth 2026: पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर गुरुवार को सुहागिन महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा।
करवाचौथ के पावन अवसर पर गुरुवार को शहर की सुहागिन महिलाओं ने पूरे रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ अपने पति की दीर्घायु की कामना में व्रत रखा।
सुबह से ही महिलाओं में उत्साह का माहौल रहा। सोलह श्रृंगार से सजी महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर करवा माता की पूजा की और रात में चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर अपने पति के दीर्घ जीवन की प्रार्थना की।
शहर के गुरुद्वारा रोड, धामीटोला मंदिर, विष्णुपद क्षेत्र और रामपुर मोहल्ले सहित कई स्थानों पर करवाचौथ व्रत का पारंपरिक उत्साह देखने को मिला।
दिन में महिलाओं ने करवाचौथ की कथा सुनी और एक-दूसरे को तिलक लगाकर मंगल कामनाएं दीं। शाम ढलते ही सजी-धजी महिलाएं थाल सजाकर छतों पर चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करती नजर आईं। लेकिन आसमान बादल से ढका होने के बाद चंद्रदेव दर्शन नहीं दिए।
पति का चेहरा देखकर टूटा व्रत
महिलाओं ने चलनी से अपने पति का चेहरा देखा और चंद्रमा को जल अर्पित कर व्रत पूर्ण किया। पति ने अपने हाथों से पानी पिलाकर पत्नी का व्रत तुड़वाया।
स्नेहा शर्मा ने कहा कि गयाजी में चांद दिखा नही। तूफान के कारण आसमान बादल ढका है। दिल्ली, हरियाणा सहित स्थानों पर रहने वाले स्वजनों से चांद का फोटो मोबाइल पर भेजा उसे देखकर ही व्रत समाप्त की हूं।
करवाचौथ न केवल व्रत है बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। इस वर्ष कई नवविवाहित महिलाओं ने भी पहली बार करवाचौथ का व्रत रखा।
इस दिन को लेकर उनके मन में विशेष उत्साह और श्रद्धा है। यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
पंजाबी समाज में उल्लास, अन्य समुदायों ने भी निभाई परंपरा
पंजाबी समाज के अंकुश बग्गा ने बताया कि पंजाबी समाज में करवाचौथ का व्रत बड़े ही उल्लास और परंपरागत तरीके से मनाया जाता है।
इस अवसर पर महिलाएं लाल और गुलाबी रंग की साड़ी या लहंगा पहनकर पूर्ण श्रृंगार करती है। अब अन्य समुदायों की महिलाएं भी इस व्रत को आस्था और प्रेम के साथ निभा रही है।
यह पर्व अखंड सुहाग और अटूट विश्वास का है। वहीं महिलाएं पूजा कुमारी अटघरा, खुशबू भदानी, हेमा लोहानी ने कहा कि करवाचौथ का व्रत केवल पति की दीर्घायु के लिए नहीं बल्कि वैवाहिक जीवन में सौभाग्य, सुख और विश्वास बनाए रखने का प्रतीक है।
