जागरण संवाददाता, गया। पितृपक्ष के शुरू होने पर कुछ ही दिन रह गए हैं। 20 सितंबर से पितृपक्ष शुरू होगा। पितृपक्ष में अपने पितरों की मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदानी आते हैं, लेकिन इस बार आने वाले पिंडदानियों को चिकनी सड़क के साथ गड्ढे वाली सड़क से गुजरना पड़ेगा। दरअसल, शहर में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़क काटकर बुडको ने छोड़ दिया है, जिससे पिंडदानियों को काफी परेशानी होगी। शहर में सबसे खराब दक्षिण क्षेत्र के वार्ड संख्या-44 में स्थित अक्षयवट पिंडवेदी जाने वाले सड़क का है। बुडको ने करीब छह महीने से सड़क काटकर छोड़ दिया है। पाइपलाइन का विस्तार एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से हो रहा है। साथ ही सड़क बंद रहने के कारण वाहनों को आवागमन पूरी तरह से बंद है। वाहन तो दूर, पैदल चलने में भी लोगों की परेशानी हो रही है। सड़क पर चारपहिया वाहनों को आवागमन बंद रहने से पिंडदानियों को काफी परेशानी होगी। वहीं गुरुवार को जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने सड़कों का जायजा लिया। सड़क बंद रहने के कारण जिलाधिकारी को माडऩपुर मोड़ से अक्षयवट पिंडवेदी तक पैदल जाना पड़ा।

अक्षयवट पिंडवेदी पर दिया जाता आशीर्वाद

शहर में स्थित प्रमुख पिंडवेदी में अक्षयवट पिंडवेदी भी एक है, जहां पिंडदान के साथ-साथ गयापाल पुरोहितों द्वारा पिंडदानियों को सुफल का आशीर्वाद दिया जाता है। उक्त कारण को लेकर पिंडदानियों को पिंडवेदी तक जाना ही है, लेकिन सड़क पर गड्ढे रहने के कारण पिंडदानियों को पिंडवेदी तक पहुंचने में परेशानी होगी।

शहर में फिर बनने लगीं सड़कें

पितृपक्ष को लेकर शहर में सड़कें चिकनी होने लगी हैं। विष्णुपद मंदिर जाने वाली सड़क पूरी तरह से चिकनी बन गई है। इसके अलावा चांद-चौरा, श्मशान घाट एवं समीर तकिया रोड पूरी तरह से बनकर चकाचक हो गया है, जिससे पिंडदानियों को चलने में परेशानी नहीं हो।

बुडको के सहायक अभियंता शशि झा ने कहा कि पितृपक्ष प्रारंभ होने से पहले अक्षयवट पिंडवेदी जाने वाली सड़क पूरी तरह से बन जाएगी, जिससे पिंडदानियों को आने-जाने पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। 20 सितंबर से पहले सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।

Edited By: Prashant Kumar