औरंगाबाद, जागरण संवाददाता। सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बभंडी स्थित सुरक्षित स्थान से शुक्रवार को फरार हुए बाल कैदियों ने जमकर तांडव मचाया और तोडफ़ोड़ की। बाल कैदियों ने सुरक्षित स्थान के गेट एवं खिड़की से लेकर कई फर्नीचर को तोड़  दिया है। फरार हुए बाल कैदियों की साजिश ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों की रायफल छीनकर हत्या करने की थी। एक कैदी ने संत्री के रूप में ड्यूटी पर तैनात सिपाही विमलेश कुमार सिंह पर की नीयत से लोहे की राड से सिर पर हमला किया। हालांकि सिपाही ने खुद को बचाने का प्रयास किया, इससे लोहे की राड उसके हाथ पर लगा और वह घायल हो गया है। फरार हुए कैदियों में पांच ने सुरक्षित स्थान के गृह पिता सुनील कुमार पर लोहे की राड से जानलेवा हमला कर जख्मी कर दिया है। गृह माता अंतरा कुमारी के साथ कैदियों ने अभद्र व्यवहार किया है। सुरक्षित स्थान की सुरक्षा में तैनात 19 पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला कर सभी को बंधक बनाकर मेन गेट के लोहे का गेट को तोड़कर फरार हो गए।

डीएम सौरभ जोरवाल ने बताया कि सुरक्षित स्थान से फरार हुए 33 बाल कैदियों में अब तक 18 को बरामद कर लिया गया है। अन्य की बरामदी के लिए उनके स्वजनों से संपर्क किया गया है। जल्द ही अन्य की बरामदगी कर ली जाएगी। डीएम ने बताया कि सुरक्षित स्थान की सुरक्षा में तैनात पुलिसबलों को बंधक बनाने की जानकारी पुलिसकर्मियों ने नहीं दी है।

उन्‍होंने बताया कि इस घटना में पांच बाल कैदियों के खिलाफ मुफस्सिल थाना में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सह सुरक्षा गृह के अधीक्षक विक्रमादित्य पाल के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सभी की बरामदगी के बाद जेल भेजा जाएगा। सभी नाबालिग की उम्र से ज्यादा के हैं। इसके लिए जिला जज से बात की गई है। नामजद आरोपित बने बाल कैदियों में एक गया जिला के पाई बिगहा (बुनियादगंज) थाना क्षेत्र के समसारा गांव का रहने वाला है। दूसरा गया के बोधगया थाना क्षेत्र के कोल्हारा गांव, तीसरा औरंगाबाद के नवीनगर थाना क्षेत्र के सिमरी जैतिया, चौथा बक्सर जिले के कोरन सराय थाना क्षेत्र के हहना एवं पांचवां गया जिला के चंदौती थाना क्षेत्र के बड़की डेल्हा का निवासी है।

Edited By: Sumita Jaiswal