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गया में पितृपक्ष के दौरान ठहरने की टेंशन खत्म: 44 स्कूल-कॉलेज में 70 हजार श्रद्धालुओं की व्यवस्था

Published: Tue, 22 Sep 2026 09:05 PM (IST)

गया में पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने की समस्या को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक ...और पढ़ें

बोधगया से मानपुर तक बनाए गए आवासन स्थल

बोधगया से मानपुर तक बनाए गए आवासन स्थल

HighLights

  1. 44 आवासन केंद्रों में 70 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था।

  2. गांधी मैदान में 2500 बेड की निशुल्क टेंट सिटी तैयार।

  3. प्रत्येक केंद्र पर पेयजल, शौचालय, बिजली और सहायता केंद्र उपलब्ध।

जागरण संवाददाता, गयाजी। पितृपक्ष मेला में देशभर से गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठहरने की होती है। इस बार जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की है। करीब 70 हजार तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए जिले में 44 आवासन केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।

इनमें विद्यालय और कालेज शामिल हैं। इसके अलावा गांधी मैदान में करीब 2500 बेड की टेंट सिटी भी तैयार की जा रही है, जहां श्रद्धालुओं के निशुल्क ठहरने की व्यवस्था होगी।

44 आवासन केंद्रों पर मिलेगी रहने से लेकर मदद तक की सुविधा

चिन्हित आवासन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ पेयजल, शौचालय, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक आवासन केंद्र पर सहायता केंद्र भी बनाया जाएगा।

इन सहायता केंद्रों पर तैनात कर्मी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को आवासन से जुड़ी जानकारी देंगे और किसी तरह की परेशानी होने पर संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर मदद पहुंचाएंगे।

132 शिक्षक तीन पालियों में संभालेंगे जिम्मेदारी

तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए 132 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ये शिक्षक तीन पालियों में ड्यूटी करेंगे। यानी दिन-रात आवासन केंद्रों पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कर्मी उपलब्ध रहेंगे।

शिक्षकों को आवासन में ठहरने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों का ध्यान रखने और किसी समस्या की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मददगार होंगे सहायता केंद्र

पितृपक्ष में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। इनमें कई श्रद्धालु पहली बार गया आते हैं और शहर के धार्मिक स्थलों तथा प्रमुख स्थानों से पूरी तरह परिचित नहीं होते।

ऐसे में आवासन केंद्रों पर बनाए जा रहे सहायता केंद्र उनके लिए महत्वपूर्ण होंगे। यहां से श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी देने के साथ आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन और संबंधित विभागों से भी समन्वय किया जाएगा।

निगमा मोनास्ट्री में 2400, गया कालेज में 800 की क्षमता

प्रशासन की सूची में कई बड़े आवासन केंद्र शामिल हैं। निगमा मोनास्ट्री में 2400 श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता होगी। मानवीकी भवन, गया कालेज में 800, राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520 और महावीर इंटर विद्यालय में 500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी।

इसी तरह आकाश पॉलिटेक्निक मानपुर में 250, अनुग्रह कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200, मारवाड़ी प्लस टू उच्च विद्यालय में 200 और राजकीय कन्या उच्च विद्यालय रमना में 200 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।

बोधगया से मानपुर तक बनाए गए आवासन स्थल

प्रमुख आवासन स्थलों में मध्य विद्यालय कोसडीहरा, प्रोजेक्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय बोधगया, मध्य विद्यालय धनवा, मध्य विद्यालय सूर्यपुरा, बीआईटी गया बुद्धा रिजॉर्ट, राजकीय मध्य विद्यालय घुघड़ीटांड़, कन्या उच्च विद्यालय गया और गुरु नानक मध्य विद्यालय समेत कई स्थान शामिल हैं।

इनके अलावा आदर्श नव बालिका मध्य विद्यालय, गौरी कन्या मध्य विद्यालय एवं उच्च विद्यालय मानपुर, मध्य विद्यालय भगवानपुर, मध्य विद्यालय हरिओ, आइटीआई गया और राजकीय मध्य विद्यालय केंदुई में भी श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन की तैयारी, नियमित होगी आवासन केंद्रों की निगरानी

जिला प्रशासन ने सभी 44 आवासन केंद्रों की व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। मेला अवधि के दौरान इन केंद्रों की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रहने, जानकारी और जरूरी सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। 44 आवासन केंद्रों और गांधी मैदान की टेंट सिटी के जरिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को ठहराने की तैयारी इसी दिशा में की जा रही है।

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