गयाजी में फर्जी शिक्षक ID से सरकारी फंड के गबन पर एक्शन, वेतन भुगतान के लिए नए दिशा निर्देश जारी
गया जिला शिक्षा कार्यालय ने फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर सरकारी राशि के गबन को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
फर्जी शिक्षक आईडी से गबन रोकने को निर्देश जारी।
नई आईडी बनाने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य।
लॉगिन आईडी, पासवर्ड साझा करने पर पूर्ण प्रतिबंध।
जागरण संवाददाता, गयाजी। राज्य के अन्य जिलों के शिक्षा कार्यालयों में संविदा कर्मियों और डाटा इंट्री ऑपरेटरों के स्तर पर फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर सरकारी राशि के गबन के मामले सामने आने के बाद गयाजी का जिला शिक्षा कार्यालय सतर्क हो गया है।
ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने और सरकारी राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापना शाखा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुमित कुमार सौरभ ने सभी संविदा कर्मियों और डाटा इंट्री ऑपरेटरों को चेतावनी जारी की है।
जारी पत्र में आइडी निर्माण, वेतन भुगतान, लागिन सुरक्षा और अभिलेखों की नियमित जांच को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सत्यापन के बाद ही बनेगी नई शिक्षक आइडी
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ई-शिक्षा कोष, एचआरएमएस या किसी अन्य विभागीय वेतन भुगतान पोर्टल पर शिक्षक, शिक्षिका अथवा किसी अन्य कर्मी की नई आइडी बनाने और विवरण दर्ज करने से पहले सभी जरूरी अभिलेखों की जांच अनिवार्य होगी।
संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और अधिकृत नोडल अधिकारी मूल सेवा पुस्तिका, नियोजन पत्र, पदस्थापन विवरणी और बैंक खाते का भौतिक सत्यापन करेंगे।
सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई आइडी बनाने या संबंधित कर्मी का विवरण पोर्टल पर दर्ज करने की अनुमति होगी। बिना प्रमाणित अभिलेखों के किसी भी प्रकार की प्रविष्टि नहीं करने की हिदायत दी गई है।
लॉगिन आइडी, पासवर्ड और ओटीपी साझा करने पर रोक
स्थापना शाखा के कर्मियों और आपरेटरों को अपनी लागिन आइडी, पासवर्ड और ओटीपी की सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। कोई भी कर्मी अपनी लागिन संबंधी जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति या बाहरी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करेगा।
विभागीय पोर्टल का इस्तेमाल केवल अधिकृत कार्यों के लिए ही किया जाएगा। लागिन संबंधी जानकारी का दुरुपयोग होने से फर्जी आइडी बनाने और सरकारी राशि के गलत भुगतान की आशंका रहती है।
ऐसे में सभी कर्मियों को निर्धारित नियमों का पालन करने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने को कहा गया है।
वेतन विपत्र और सीटीआर का होगा मिलान
हर महीने वेतन विपत्र तैयार करते समय अनुमोदित रोस्टर, उपस्थिति विवरणी, स्थायी खाता संख्या (पैन) और बैंक खाता संख्या का मिलान करना अनिवार्य होगा।
वेतन भुगतान से पहले संबंधित विवरणों की जांच की जाएगी, ताकि किसी अपात्र व्यक्ति के खाते में सरकारी राशि का भुगतान न हो।
इसके साथ ही वेतन भुगतान से संबंधित सीटीआर और अन्य अभिलेखों का भी मिलान किया जाएगा। किसी कर्मी, खाते या भुगतान के विवरण में संदेह होने पर संबंधित अभिलेखों की दोबारा जांच की जाएगी।
हर सप्ताह होगी आइडी और भुगतान की समीक्षा
शाखा प्रभारी और प्रधान लिपिक को प्रत्येक सप्ताह पोर्टल पर बनाई गई नई आइडी तथा वेतन भुगतान से संबंधित लागिन रिपोर्ट का भौतिक अभिलेखों से मिलान करना होगा।
इससे फर्जी आइडी, गलत प्रविष्टि और संदिग्ध भुगतान की समय रहते पहचान की जा सकेगी। जांच के दौरान किसी प्रकार की विसंगति सामने आने पर इसकी सूचना तत्काल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को देनी होगी।
बिना वैध नियोजन के भुगतान पर होगी कार्रवाई
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध नियोजन वाले व्यक्ति के नाम पर सरकारी राशि का भुगतान पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा कार्यालय का उद्देश्य आइडी निर्माण से लेकर वेतन भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका को समाप्त करना है। इसके लिए सभी संबंधित कर्मियों को जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
